
AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों पर बिफर गए हैं। ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की है कि वे भाजपा और उसके सहयोगी दलों के नेताओं को आने वाले चुनावों में सबक सिखाएं। ओवैसी ने कहा “मुसलमानों, नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान और जयंत चौधरी को, मुसलमान विरोधी वक्फ बिल पर सरकार का समर्थन करने के लिए, उनके राज्यों के अगले चुनाव में सबक सिखाओगे या नहीं ?”
वक्फ बिल पर सदन में किसने क्या कहा
केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन लोकसभा में पेश किया। राज्यसभा में इसे गुरुवार 3 अप्रैल को पेश किया जाएगा। इस विधेयक को लेकर आज लोकसभा में खूब हंगामा हुआ पक्ष और विपक्ष एक दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। किसने क्या कहा ये भी जान लीजिए-
वक्फ संशोधन विधेयक पर टीएमसी ने इसका विरोध किया टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि सरकार ये बिल लाकर गलत कदम उठा रही है। सरकार को इस बिल को वापस ले लेना चाहिए। बीजेपी इस पर राजनीति कर रही है। ये अल्पसंख्य समुदायों के लिए ठीक नहीं है। समाजवादी पार्टी प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि “भाजपा चाहती है कि लोग भड़कें, वह ध्रुवीकरण का मौका तलाश रही है। समाज को बांटने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए इसे लाया जा रहा है। ये देश के करोड़ों लोगों से घर और दुकान छीनने की साजिश है। जब देश की ज्यादातर राजनीतिक पार्टियां इसके पक्ष में नहीं हैं तो इसे लाने की कोई जरूरत नहीं है”।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इस बिल पर कहा कि संसद में पेश किया गया वक्फ से संबंधित यह बिल असंवैधानिक है और मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है। सरकार अपनी संख्यात्मक बहुमत के बल पर इसे पारित कराने की कोशिश कर रही है। यह रवैया बहुसंख्यकवादी मानसिकता पर आधारित है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस बिल को जबरन संसद में लाया गया है।