
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों जेल में हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ रही हैं। हाल ही में, पाकिस्तानी पंजाब पुलिस ने एक कव्वाल को सिर्फ इसलिए गिरफ्तार कर लिया, क्योंकि उसने अपने गाने में इमरान खान का नाम लिया था। यह गिरफ्तारी तब की गई जब पाकिस्तानी एजेंसियों ने इसे सरकार के खिलाफ राजनीतिक रंग देने वाला मामला मानते हुए कव्वाल को गिरफ्तार कर लिया।
बता दें, पाकिस्तान के थानाध्यक्ष जमीरुल हसन ने एफआईआर में आरोप लगाया कि कव्वाल फराज अमजद खान ने एक गाना गाया था, जिसमें “कैदी नंबर 804” का जिक्र किया गया था। यह कैदी नंबर इमरान खान का था, जो इस समय जेल में बंद हैं। एफआईआर में यह भी कहा गया कि यह मामला सरकार के आयोजन को राजनीतिक संदर्भ में लाने का प्रयास था, जो कानून के खिलाफ था।
वहीं, जब फराज अमजद खान को लाहौर के अडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज शाहजेब डार के समक्ष पेश किया गया, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह गाना उनकी ओर से पेश नहीं किया गया था। उनके अनुसार, यह गाना दर्शकों की डिमांड पर गाया गया था और उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अदालत से अग्रिम जमानत की मांग की और कहा कि यदि जांच के लिए जरूरत पड़े, तो वे पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं। जज ने शुरुआती दलीलें सुनने के बाद कव्वाल को 13 जनवरी तक की बेल दी और पुलिस से मामले का पूरा रिकॉर्ड तलब किया।
इसी दौरान, पाकिस्तान के गुजरांवाला जिले से भी एक और घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने एक शादी से सात लोगों को गिरफ्तार किया। इन लोगों पर आरोप था कि उन्होंने विवाह समारोह के दौरान इमरान खान के पोस्टर लहराए और उनके समर्थन में नारेबाजी की। पुलिस ने इन लोगों पर आरोप लगाया कि वे वैमनस्यता पैदा कर रहे थे और शांति भंग कर रहे थे। इसके अलावा, इन पर सरकार के खिलाफ विद्रोह फैलाने का भी आरोप था। इन सात लोगों को 14 दिन की हिरासत में भेज दिया गया और फिलहाल वे गुजरांवाला जेल में बंद हैं।
हालांकि, इन घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। पाकिस्तान की सेना भी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) और इसके राजनीतिक नेतृत्व के खिलाफ कार्यवाही कर रही है। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी और समर्थकों के लिए पाकिस्तान में हालात कठिन होते जा रहे हैं, और यह राजनीतिक तनाव और विवादों का कारण बनता जा रहा है।









