सऊदी अरब से लेकर UAE का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, डगमगाती अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत

गंभीर आर्थिक संकट और भारी कर्ज के दबाव से जूझ रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से बड़ी वित्तीय राहत मिली है।

गंभीर आर्थिक संकट और भारी कर्ज के दबाव से जूझ रहे पाकिस्तान को सऊदी अरब से बड़ी वित्तीय राहत मिली है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का आर्थिक सहायता पैकेज देने पर सहमति जताई है, जिससे उसकी डगमगाती अर्थव्यवस्था को अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

यह सहायता ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान को इसी महीने संयुक्त अरब अमीरात को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लौटाना है, जिससे उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर गंभीर दबाव बन गया है। वर्तमान में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 16.4 अरब डॉलर के आसपास बताया जा रहा है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री के अनुसार, सऊदी अरब ने न सिर्फ 3 अरब डॉलर की नई जमा राशि देने पर सहमति दी है, बल्कि पहले से मौजूद 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट को भी लंबे समय के लिए रोलओवर करने का फैसला किया है। इसे देश के भुगतान संतुलन को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मदद पाकिस्तान को फिलहाल राहत जरूर देगी, लेकिन दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए उसे कड़े सुधारों की जरूरत होगी। देश पहले से ही महंगाई, कर्ज और बाहरी वित्तीय निर्भरता जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है।

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत अपने विदेशी मुद्रा भंडार को जून तक 18 अरब डॉलर से अधिक करने का लक्ष्य रख रहा है।

सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी बढ़ा है, जिसमें किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला मानने जैसा समझौता शामिल है।

इससे पहले भी 2018 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 6 अरब डॉलर का पैकेज दिया था, जिसमें नकद जमा और तेल आपूर्ति शामिल थी। मौजूदा सहायता को उसी रणनीतिक सहयोग की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।

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