पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में काबुल के ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर पर हमला, 400 से अधिक लोग मारे गए

Pakistani airstrike hits drug rehabilitation center in Kabul, killing over 400 people. काबुल, अफ़गानिस्तान में एक भयानक घटना घटी है, जब पाकिस्तानी मिलिट्री द्वारा किए गए एयरस्ट्राइक में ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर को निशाना बनाया गया। इस हमले में 400 से ज्यादा लोग मारे गए और 250 लोग घायल हुए, जिनमें कई मरीज और सेंटर का स्टाफ भी शामिल था। यह हमला अफ़गानिस्तान के इतिहास में आम नागरिकों पर किए गए सबसे खतरनाक हमलों में से एक बन गया है।

जानकारी के मुताबिक, यह हमला 9 मार्च की रात को हुआ था। पाकिस्तानी मिलिट्री की बमबारी के कारण भारी तबाही मच गई। इस रिहैबिलिटेशन सेंटर में उन लोगों का इलाज किया जा रहा था, जो ड्रग्स की लत से जूझ रहे थे। हमदुल्ला फितरत, इस्लामिक अमीरात ऑफ अफ़गानिस्तान के डिप्टी स्पोक्सपर्सन ने कहा कि हमले के बाद मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

क्या हुआ हमला?

हमले के बाद, अफ़गान अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटों में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं और काबुल के अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायल मरीजों को भर्ती किया गया। अधिकारियों को डर है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

इस हमले ने ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन और ग्लोबल ऑब्ज़र्वर जैसे संगठनों की कड़ी आलोचना को जन्म दिया है। रिचर्ड बेनेट, यूएन के स्पेशल रैपोर्टर ने इस हमले को लेकर गहरी चिंता जताई है और कहा कि “सार्वजनिक स्थानों पर हमले किए जाना इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन है”।

पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बढ़ती तनाव

अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस हमले ने दोनों देशों के रिश्तों को और बिगाड़ दिया है। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस हमले के बाद पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि “पाकिस्तान के साथ डिप्लोमेसी का समय खत्म हो गया है, और हमले का बदला लिया जाना चाहिए”।

इस हमले ने पहले से ही अफगानिस्तान के अंदर संकट और बढ़ा दिया है, खासकर 2021 में अमेरिकी और नाटो सेनाओं की वापसी के बाद से अफगानिस्तान में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। अब यह घटना दोनों देशों के बीच और भी तनाव बढ़ाने का कारण बन सकती है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील

इस घातक हमले के बाद, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और कूटनीतिक विशेषज्ञों ने दोनों देशों से तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का पालन करने की अपील की है। इस बीच, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से वैश्विक समुदाय ने नागरिकों की सुरक्षा और हिंसा की रोकथाम के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की है।

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