
संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक के सांसद राज्यसभा में सत्तारूढ़ दल की आपत्तियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। यह आपत्तियां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयानों को लेकर जताई गई हैं। इससे पहले आज विपक्षी सांसदों ने संसद की कार्यवाही को लेकर रणनीति तय करने के लिए राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में बैठक की, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद रहे।
विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोक रही है। यह विवाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की 2020 के चीन सीमा गतिरोध से जुड़ी एक अप्रकाशित संस्मरण पुस्तक के संदर्भ में राहुल गांधी के कथित बयानों के बाद शुरू हुआ है। विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर लगातार विरोध जता रहा है।
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने की संभावना है। दोनों सदनों में बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। प्रधानमंत्री मोदी को बुधवार को लोकसभा में इस प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी थी।
लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव को सरबानंद सोनोवाल ने पेश किया था और इसका समर्थन तेजस्वी सूर्या ने किया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन में कुल 18 घंटे निर्धारित किए गए हैं। वहीं राज्यसभा में भाजपा सांसद सदानंद मास्टर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 28 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किए जाने के बाद लाया गया है।
कार्यसूची के अनुसार, लोकसभा में आगे केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू होनी है। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही पूर्व सांसद थॉमस कुथिरावट्टोम को श्रद्धांजलि स्वरूप शोक प्रस्ताव के साथ शुरू होगी। इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने गुरुवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है, जिसे उन्होंने “गंभीर सार्वजनिक महत्व” का विषय बताया।









