
यमुनोत्री धाम के लिए रोपवे की उम्मीद अब एक बार फिर जगने लगी है। शासन से वन भूमि पर्यटन विभाग के नाम हस्तानान्तरण होने के बाद अब साढे तीन किमी रोपवे के प्रोजेक्ट की राह आसान हो गयी है। इससे पहले 2006 में भी खरशाली से यमुनोत्री जाने वाले रोपवे को स्वीकृति मिली थी जिसका शिलान्यास 2011 में हो गया था। लेकिन अलग अलग अडचनों के चलते यमुनोत्री रोपवे का यह प्रोजेक्ट केवल शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ सका।
11 साल बाद एक बार उम्मीद फिर से जग गयी है। जिससे यमुनोत्री तीर्थ पुरोहितो को भी उम्मीद है कि भूमि विवाद का मसला सुलझने से अब जल्द रोपवे होने से यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओ को इसकी सुविधा मिल सकेगी। वही प्रशासन की तरफ से रोपवे से सम्बन्धित कार्य में तेजी लानी शुरू कर दी है, उपजिलाधिकारी बडकोट ने बताया कि साढ़े तीन किमी रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण का कार्य अब जल्दी शुरू कर दिया जाएगा और रोपवे बनने के बाद यात्रिओ को 05 किमी कठिन पैदल चढ़ाई से भी राहत मिल जायेगी।









