पटाखा बैन : सुप्रीम कोर्ट ने कहा पटाखों पर बैन का आदेश किसी त्यौहार और किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त नाराज़गी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को प्रतिबंधित पटाखों पर लगी पाबंदी को लागू करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंधित पटाखों को बेचने वालों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दे सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त नाराज़गी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों को प्रतिबंधित पटाखों पर लगी पाबंदी को लागू करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंधित पटाखों को बेचने वालों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दे सकता है।

दीवाली से पहले सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि कोर्ट किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। पटाखों पर बैन का कोर्ट आदेश किसी त्यौहार और किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं था। हम यहाँ लोगों के जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए बैठे हैं। लेकिन त्यौहारों के नाम पर किसी को भी लोगों की जान से खेलने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी नहीं है, लोग ग्रीन पटाखे इस्तेमाल कर सकते है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम देख रहे है कि बाजारों में प्रतिबंधित पटाखे बिक रहे है,जबकि हमने सिर्फ ग्रीन पटाखों की इजाज़त दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा की ग्रीन पटाखों के नाम पर फर्जी स्टिकर लगाकर प्रतिबंधित पटाखे बेचे जा रहे है। ऐसे में जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए सीबीआई जांच के भी आदेश दिए जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण फैलाने वाले पटाखों पर पाबंदी लगा दी थी, इसके बावजूद राज्य सरकारों ने आदेश को ठीक से लागू नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा हमारे देश में कानून लागू कराने वाली एजेंसियां कैसी हैं सब जानते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सामान्य पटाखा बनाने वाली फैक्ट्रियां क्यों नहीं बंद की जाती। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत का आदेश लागू नहीं होता तो दुनिया में क्या संदेश जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा दूसरों के अधिकार और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि केंद्र और राज्य कि एजेंसियों को सख्ती से आदेश का पालन कराना चाहिए, नागरिकों कि जान से खिलवाड़ नहीं कर सकते।

रिपोर्ट – अवैस उस्मानी

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