
देशभर में शुक्रवार से पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम जनता के बजट पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। ताज़ा मूल्य-वृद्धि के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज़ हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल 3.11 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। वहीं, सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। परिवहन लागत बढ़ने से रोज़मर्रा की वस्तुओं, विशेषकर खाद्य पदार्थों, के दामों पर भी दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
₹3 का झटका, बाक़ी वसूली क़िस्तों में
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक तीखी पोस्ट में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका आ चुका, बाक़ी वसूली क़िस्तों में की जाएगी। कांग्रेस नेता का इशारा इस ओर था कि मौजूदा बढ़ोतरी को सरकार ने एक बार में न करके चरणबद्ध तरीके से लागू किया है और आगे भी कीमतों में इज़ाफ़ा संभव है।
वैश्विक तनाव बना वजह
ग़ौरतलब है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता गहराई है। सरकारी सूत्रों और तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल की लागत पर दबाव बढ़ा है, जिसका बोझ उपभोक्ताओं पर डालना मजबूरी बन गया।
हालाँकि, विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार उत्पाद शुल्क में कटौती कर जनता को राहत देने की बजाय मुद्रास्फीति का बोझ सीधे आम नागरिकों के कंधों पर डाल रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क, दोनों जगह गरमाने की पूरी संभावना है।









