देश के सभी तीर्थ क्षेत्रों और मंदिरों से PM Modi ने किया आग्रह, इस दिन पूरे देश में चलेगा बड़ा अभियान…

आज का भारत, पुरातन और नूतन दोनों को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है। इसलिए अब आपको भी एक संकल्प लेना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में 15,700 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर बहुत अच्छा लग रहा है। ऐसा लगा पूरी अयोध्या सड़क पर उतर आई है। सभी देशवासियों में उमंग की लहर है। 22 जनवरी के लिए मैं उत्साहित हूं। उन्होने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है।

राममंदिर के प्रति अयोध्यावासियों में ये उत्साह और उमंग स्वाभाविक है। पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत की मिट्टी के कण-कण और भारत के जन-जन का मैं पुजारी हूं और मैं भी आपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं, प्राचीन काल में अयोध्या नगरी कैसी थी, इसका वर्णन खुद महर्षि वाल्मीकि जी ने विस्तार से किया है। महर्षि वाल्मीकि जी बताते हैं कि महान अयोध्यापुरी धन-धान्य से परिपूर्ण थी, समृद्धि के शिखर पर थी और आनंद से भरी हुई थी। यानी, अयोध्या में विज्ञान और वैराग्य तो था ही, उसका वैभव भी शिखर पर था।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि अयोध्या नगरी की उसी पुरातन पहचान को हमें आधुनिकता से जोड़कर वापस लाना होगा। इसलिए आज का भारत, पुरातन और नूतन दोनों को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं, बल्कि पक्का घर देश के 4 करोड़ गरीबों को भी मिला है। आज का भारत अपने तीर्थों को भी संवार रहा है, वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी की दुनिया में भी छाया हुआ है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है, हमें सही मार्ग दिखाती है। देश के सभी तीर्थ क्षेत्रों से और मंदिरों से मेरा आग्रह है कि भव्य राम मंदिर के निर्माण के निमित्त, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन से पूरे देश के सभी तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता का बहुत बड़ा अभियान चलाना है। हर मंदिर में सफाई का अभियान हमें 14 जनवरी से 22 जनवरी तक चलाना है। आज मेरा एक आग्रह अयोध्या के भाई-बहनों से भी है, अब देश-दुनिया के लोग लगातार , हर रोज अयोध्या आते रहेंगे और ये सिलसिला अब अनंत काल तक चलेगा। इसलिए अब आपको भी एक संकल्प लेना है, ये संकल्प है अयोध्या नगर को भारत को सबसे स्वच्छ शहर बनाने का। स्वच्छ अयोध्या अब यहां के निवासियों की जिम्मेदारी है।

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