
आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर सियासी खींचतान अब पूरी तरह खुलकर सामने आ चुकी है। पार्टी के तेजतर्रार और भरोसेमंद चेहरों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा अब अपने ही साथियों के निशाने पर हैं। आरोप, पलटवार और अंदरूनी मतभेदों ने इस विवाद को महा-संग्राम में बदल दिया है।
दरअसल, हाल ही में AAP ने उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया। इसके बाद पंजाब के नेताओं ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के अहम मुद्दों को संसद में नहीं उठाया, जैसे कि ग्रामीण विकास फंड, जीएसटी मुआवजा और बाढ़ राहत। इसी बीच दिल्ली AAP प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने सोशल मीडिया से प्रधानमंत्री और बीजेपी के खिलाफ पुराने पोस्ट हटा दिए, जिससे उनकी नई छवि पेश की जा सके।
राघव चड्ढा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘कोऑर्डिनेटेड अटैक’ बताया। उन्होंने कहा कि वह संसद में जनता के वास्तविक मुद्दे उठाने के लिए जाते हैं, न कि सिर्फ हंगामा करने के लिए। उन्होंने X पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें एयर पॉल्यूशन, महंगी हवाई यात्रा, गिग वर्कर्स के अधिकार जैसे मुद्दों को दिखाया गया। चड्ढा ने लिखा, “पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि मेरा घर, मेरी जिम्मेदारी, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है। बार-बार झूठ दोहराने से सच नहीं बदलता।”
इस पूरे विवाद ने AAP के भीतर मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। स्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा ऐसे बड़े नेता हैं, जिनका पार्टी नेतृत्व के साथ टकराव खुलकर सामने आया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है और पार्टी की अंदरूनी राजनीति में नए मोड़ ला सकता है।









