Delhi: केशव मौर्य के मथुरा की तैयारी वाले ट्वीट पर सियासी संग्राम, सपा सांसद ने कहा- चुनाव में हिंदू-मुसलमान करेंगे

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के मथुरा की तैयारी वाले ट्वीट पर नए नया सियासी संग्राम छिड़ गया है। विपक्ष केशव मौर्य के ट्वीट के जरिए भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लगा रही है, तो वहीं भाजपा विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रही है। इसी बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य के मथुरा की तैयारी के ट्वीट और कृषि कानून वापसी बिल और कई मुद्दों को लेकर सपा सांसद एसटी हसन ने भारत समाचार से बातचीत की है।

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के मथुरा की तैयारी वाले ट्वीट पर नए नया सियासी संग्राम छिड़ गया है। विपक्ष केशव मौर्य के ट्वीट के जरिए भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लगा रही है, तो वहीं भाजपा विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रही है। इसी बीच डिप्टी सीएम केशव मौर्य के मथुरा की तैयारी के ट्वीट और कृषि कानून वापसी बिल और कई मुद्दों को लेकर सपा सांसद एसटी हसन ने भारत समाचार से बातचीत की है।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य के मथुरा की तैयारी के ट्वीट पर सपा सांसद एसटी हसन ने कहा हमने पहले ही कहा था कि चुनाव नजदीक आने पर यह हिंदू मुसलमान करेंगे इनके पास कुछ मुद्दे नहीं है विकास नहीं है, उत्तर प्रदेश में रोजगार, गरीबी, महंगाई पर कोई भी नियंत्रण नहीं है उत्तर प्रदेश में बलात्कार चैन स्निचिंग, हत्या, अपहरण की खबरें रोज आती हैं हम सब लोग धार्मिक लोग हैं भाजपा धर्म के नाम पर लोगों के जज्बातों को भड़का कर वोट लेने की राजनीति करते हैं लेकिन अब यह चलने वाला नहीं है सारे हिंदू मुसलमानों को मालूम है कि ना हिंदू को मुसलमान से ना मुसलमान को हिंदू से कोई अलग कर सकता है हमेशा साथ रहना है साथ जीना है साथ मरना है।

राज्यसभा के 12 सांसदों के निलंबन पर सपा सांसद ने कहा जिस तरह से 12 सांसदों का निलंबन हुआ है पूरी तरह से आ संविधानिक है जब तक निलंबन वापस नहीं होता गतिरोध जारी रहेगा, पिछली बार मॉनसून सेशन भी 2 दिन पहले खत्म करा था जो भी एक्शन लेना था वह स्टेशन में लेना चाहिए था।

कृषि कानून की वापसी पर एसटी हसन ने कहा कृषि कानून की वापसी का फैसला किसानों के हित को देखकर नहीं दिया राजनीतिक हित को देखते हुए लिया गया, सरकार चर्चा नहीं कराना चाहती क्योंकि सरकार की रुचि बड़े बड़े कॉर्पोरेट और को फायदा पहुंचाने में करोड़ों किसानों का मामला था पिलाने से पहले भी चर्चा नहीं है और दिल वापसी पर भी चर्चा नहीं किया चुनाव से पहले राजनीतिक फायदा लेने के लिए कृषि कानून बिल को वापस लिया क्योंकि इनके विधायकों और सांसदों के साथ जनता उनके ही क्षेत्र में बेइज्जत कर रही है।

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