पूर्वांचल एक्सप्रेसवे : प्रतिकूल परिस्थितियों में भारतीय वायुसेना की ऐसे मदद करेगा एक्सप्रेसवे, जानिये सबसे खास बात

भारत के दुश्मन देशों से संभावित चुनौतीयों के मद्देनजर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर जिले के कूड़ेभार में 3.3 किलोमीटर लंबे रनवे का निर्माण किया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनी एयरस्ट्रिप के जरिये सबसे खराब परिस्थिति में भी लड़ाकू विमानों की लैंडिंग या परिवहन विमानों को ईंधन और आयुध की आपूर्ति की जा सकेगी।

चीन अपनी रक्षा प्रणाली को दिनों-दिन अपग्रेड कर रहा है। इसके लिए उसने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास में ही कई नए हवाई अड्डों का निर्माण कर लिया और मौजूदा हवाई अड्डों को अपग्रेड कर रहा हैं। चीन द्वारा आगे उत्पन्न की जाने वाली इस संभावित चुनौती के मद्देनजर भारत में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुल्तानपुर जिले के कूड़ेभार में 3.3 किलोमीटर लंबे रनवे का निर्माण किया गया है। इस एयरस्ट्रिप का उपयोग प्रतिकूल परिस्थितियों में व आपातकाल के दौरान किया जाएगा। इसी बात के लिहाजा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भी ऐसे ही रनवे का निर्माण किया गया है।

एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) एस कृष्णास्वामी के अनुसार, यूपी राजमार्गों पर नवनिर्मित हवाई पट्टियां भारतीय वायु सेना (IAF) की योजनाओं का हिस्सा हैं। विशेष रूप से मिराज-2000 H जैसे लड़ाकू विमानों और C-17 ग्लोबमास्टर जैसे परिवहन विमानों के वजन को संभालने के लिए सड़कों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया हैं। पूर्व लड़ाकू विमान पायलट और सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल ने आगे कहा कि “1965 और 1971 के युद्धों के दौरान, पाकिस्तानी वायु सेना के विमानों द्वारा हवाई ठिकानों पर बमबारी के कारण IAF ने अपने कई विमान खो दिए थे। उस अनुभव से सीखते हुए, वायु सेना ने इन निर्धारित हवाई पट्टियों का उपयोग राजमार्गों पर चौबीसों घंटे अस्थायी रोशनी, मोबाइल हवाई यातायात संचार, ईंधन भरने और हथियारों से लदे होने के बाद टेक-ऑफ करने के लिए करने का फैसला किया है।”

IAF अपनी परिचालन योजनाओं के बारे में चुप्पी साधे हुए है। तथ्य यह है कि यूपी में दो निर्धारित हवाई पट्टियां मुख्य एयरबेस के सबसे करीब हैं। ऐसी दशा में सबसे खराब परिस्थिति में भी लड़ाकू विमानों की लैंडिंग या परिवहन विमानों को ईंधन और आयुध की आपूर्ति की जा सकेगी। जैसा की आमतौर पर हवाई अड्डों में एक ही हवाई पट्टी होती है। ऐसे में दुश्मन के विमान या मिसाइल अगर उस हवाई पट्टी को नुकसान पहुंचाते हैं तो राजमार्गों पर हवाई पट्टी, हवाईअड्डों के लिए अहम भूमिका निभा सकती है। कूड़ेभार हवाई पट्टी के पास के एयरबेस कानपुर, बरेली और गोरखपुर हैं, जो उत्तरी पड़ोसी चीन के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए फ्रंट-लाइन बेस हैं।

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