
साल 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले है…ऐसे में सियासी गर्मी अभी से बढ़ गई है…राजनीतिक दल भी यूपी में अभी से चुनाव मैदान में खुद को सफल बनाने में जुट गए है…पर जब भी चुनाव आते हैं एक मुद्दा सबसे पहले आता है वो जनगणना का…इसकी मांग कबसे उठ रही है कि जनगणना को कराया जाए,,,ताकि जातिगत आकंड़े समझने में आसानी हो…
अब इसी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है…उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 की तैयारी को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने तय किया है कि जनगणना के पहले चरण का काम मई और जून 2026 के बीच शुरू किया जाएगा, जिसमें हाउस लिस्टिंग और आवास जनगणना (एचएलओ) का काम होगा। इस चरण के लिए लगभग छह लाख कार्मिकों को तैनात किया जाएगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की दूसरी बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक यूपी की सभी प्रशासनिक इकाइयां स्थिर (फ्रीज) रहेंगी, यानी इस तारीख के बाद 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 मार्च 2027 तक किसी भी प्रशासनिक इकाई के क्षेत्राधिकार में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने बैठक में जनगणना-2027 के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, प्रभावी अंतर-विभागीय समन्वय और डिजिटल साधनों के सही उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात की। उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना के संचालन के लिए प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सहयोग देना चाहिए।
सामान्य प्रशासन विभाग को राज्य नोडल विभाग के रूप में नियुक्त किया गया है, जो राजस्व, गृह, शिक्षा, नगर विकास, पंचायती राज समेत सभी संबंधित विभागों से समन्वय करेगा। इसके साथ ही पदाधिकारियों की नियुक्ति, तकनीकी सहायता, वित्तीय मानदंड और जनगणना कार्मिकों के मानदेय पर भी निर्णय लिए गए हैं।
निदेशक (जनगणना कार्य) शीतल वर्मा ने बताया कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण में जाति गणना की जाएगी, साथ ही नागरिकों को पहली बार स्व-गणना (self enumeration) की सुविधा प्रदान की जाएगी। इस बार जनगणना का पूरा कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
इसके अलावा, बुलंदशहर, बहराइच और प्रयागराज के चयनित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्री-टेस्ट-2027 (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशंस) का सफलतापूर्वक संचालन हुआ है, जिसके आधार पर कार्ययोजना तैयार की गई है। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास सौरभ बाबू, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा, सचिव गृह मोहित गुप्ता, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन जुहैर बिन सगीर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।









