
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (एससी) बहुलता वाले गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए एक ऐतिहासिक और व्यापक परियोजना की घोषणा की है। इसके तहत राज्य के ऐसे 3,763 गांवों के विकास पर 750 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी, जहां एससी वर्ग की आबादी 40 प्रतिशत से अधिक है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक के दौरान यह बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मान, अवसरों और सशक्तिकरण के बारे में है।
योजना के तहत प्रत्येक गांव को शुरुआत में बिना किसी शर्त के 20 लाख रुपये का फंड जारी किया जाएगा, और आवश्यकता तथा फंड के सही उपयोग के आधार पर इस राशि में और वृद्धि की जा सकेगी। इन फंडों का उपयोग आर.ओ. सिस्टम, स्कूलों में नए कमरे, लाइब्रेरी, एंबुलेंस, मोहल्ला क्लिनिक, सोलर स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए योग्य व्यक्तियों को 50,000 रुपये की ग्रांट-इन-एड भी दी जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत 97 प्रतिशत अदायगी पहले ही की जा चुकी है और शेष बची राशि का भुगतान भी जल्द करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर हर गांव की विशेष आवश्यकताओं के आधार पर ‘विशेष गांव विकास योजना’ तैयार करेंगे। सरकार का यह कदम राज्य के ग्रामीण इलाकों और पिछड़े वर्गों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।









