
मोगा : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के विकास एजेंडे की पुष्टि करते हुए मोगा में बहु-करोड़ी प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखा। साथ ही उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार, किसान सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित शासन मॉडल की रूपरेखा भी पेश की।

प्रदेश स्तरीय समागम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का भारी हुंकार और जन भागीदारी सरकार की ईमानदार और साफ-सुथरी राजनीति में बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि 47 किलोमीटर से अधिक मुख्य सड़क नेटवर्क को अपग्रेड करने, शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, 18.80 करोड़ रुपए के बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने और 13 अप्रैल से विभाजन अभियान शुरू करने तक सरकार जमीन पर ठोस बदलाव ला रही है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार किसानों की गेहूं के दाने-दाने को खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी किसान आढ़तियों के रहमो-करम पर न रहे। इस तरह प्रदेश सरकार हर गांव और शहर को जोड़ने वाले विकास मॉडल के माध्यम से पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखने के बाद समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों ने पंजाब के लोगों के साथ बार-बार विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने न सिर्फ पंजाब और यहां के लोगों को बर्बाद किया, बल्कि गुरुओं और गुरबाणी का भी घोर निरादर किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “अकालियों ने नशे के व्यापार को सरपरस्ती देकर पंजाब की पीढ़ियों का कत्लेआम किया है। इन नेताओं ने न सिर्फ नशे के व्यापार को बढ़ावा दिया, बल्कि नशे को बेचने या सप्लाई करने के लिए सरकारी वाहनों का भी इस्तेमाल किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली नेता सुखबीर बादल दावा करते हैं कि प्रदेश का सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कला की बेअदबी की घटनाओं को आंखों से ओझल कर बैठे हैं। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल किया और हर आम आदमी की मानसिकता को ठेस पहुंचाई, जो एक न माफ करने योग्य गुनाह है। वे पंथ और पंजाब की विरोधी ताकतों के समर्थक हैं।”
अकाली दल की कथित ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल राज्य को लूटने के बाद अब वे पंजाब को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”
उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने अकालियों को चुना लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा राज्य व यहां के लोगों की पीठ में छुरा मारा। जब किसान भाईचारा अपने हकों के लिए लड़ रहा था, तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी जगह बचाने के लिए काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों ने राज्य की कई पीढ़ियों को तबाह कर दिया है। ये पंजाब विरोधी ताकतें एक-दूसरे से हाथ मिलाकर चल रही हैं और राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये नेता केंद्र और नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुप हैं, जो पंजाब को बर्बाद कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, “ये नेता मुझ पर बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ते क्योंकि वे पंजाब की तरक्की से नाखुश हैं। लोगों को एकजुट होकर इन्हें राज्य से बाहर करके सबक सिखाना चाहिए। सुखबीर बादल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य पंजाब के लिए बेगाने हैं क्योंकि इनका लोगों से कोई मेल नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी स्कूली पढ़ाई से लेकर कपड़ों और आदतों तक इन लोगों का आम पंजाबियों से कुछ भी मेल नहीं खाता। ये नेता लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं क्योंकि वे पंजाब की असली स्थिति से कोसों दूर हैं। उन्होंने कभी खेतों का चक्कर तक नहीं मारा, तो किसानों की मुश्किलों के बारे में क्या जान सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने इन पारंपरिक पार्टियों को बड़े पैमाने पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने पंजाब को लूटा। इन नेताओं ने परजीवियों की तरह पंजाब के संसाधनों का खून चूसा और आज भी उनके पास सत्ता की भूख के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। वे मुझे गालियां निकालने और अपनी हाई कमांड को वीडियो भेजने में एक-दूसरे से आगे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इन नेताओं के पास पंजाब के लिए कोई लक्ष्य या उद्देश्य नहीं है और वे निजी हितों में उलझे हुए हैं जबकि हमारी सरकार पंजाब को अग्रणी राज्य बनाने के लिए हर प्रयास कर रही है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब देश का अग्रणी राज्य बनेगा।”

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमने पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए अनूठी पहल की हैं। हमने लोगों से किए सारे वादे पूरे किए हैं। सरकार बिना किसी पक्षपात के हर घर को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब से हमारी सरकार ने सत्ता संभाली है, 90 प्रतिशत परिवारों को बिजली का बिल नहीं आ रहा है। पंजाब के इतिहास में पहली बार किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 8 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है। सरकार ने नहर प्रणाली को सुधारने पर 6500 करोड़ रुपए खर्च किए हैं और पहली बार 1365 गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सिंचाई के लिए सिर्फ 21 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान के सीजन तक यह 85 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 जल मार्गों को सुधारकर पानी को टेल तक पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि जिन नेताओं के खेतों तक जाकर नहरें बंद हो जाती थी, उन्होंने कभी आम लोगों के इस मुद्दे पर कोई चिंता नहीं की। ऐसे फैसले सिर्फ वे नेता ले सकते हैं जो जमीन की हकीकत समझते हैं, न कि वे जो पहाड़ियों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं।
रोजगार पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के सिर्फ योग्यता के आधार पर 65,000 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर रोजगार क्रांति लाई है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड निजी निवेशों के कारण पिछले चार सालों में 7 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं और हमने अगले पांच सालों के लिए रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। सरकार किसानों की सुविधा के लिए हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावनाओं की भी पड़ताल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों को बड़ी राहत देगा क्योंकि हाई टेंशन तारें उनके और उनकी फसलों के लिए बड़ा खतरा पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके गांव से शुरू होगी, जहां काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
जनकल्याण पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नई तक्सीम योजना 30 दिनों के अंदर जमीन का बंटवारा सुनिश्चित करेगी, जिसे 13 अप्रैल 2026 से पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। उन्होंने अपील की कि लोग जितना हो सके आपसी समझ से विवाद सुलझाएं।
उन्होंने अपील की कि लोग मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद रहित इलाज के लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाएं। यह योजना सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मावां धीयां सत्कार योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को प्रति महीना 1500 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों की महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि करदाताओं का पैसा लोगों का है, जिसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है। पहले यही पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था, लेकिन अब सारी चोर रास्ते बंद कर दिए गए हैं।
शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर शिक्षा गरीबी का इलाज है। कोई भी मुफ्त चीज गरीबी खत्म नहीं कर सकती, शिक्षा ही तरक्की और खुशहाली के दरवाजे खोल सकती है। हम शिक्षा को बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जहां हम शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि की बात करते हैं, वहीं दूसरी पार्टियां सिर्फ सत्ता हथियाने की बात करती हैं। लोगों ने इन मौकापरस्त नेताओं को नकार दिया है, जो सिर्फ अपने परिवारों की भलाई के लिए काम करते रहे हैं।
गेहूं की खरीद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़ती सरकार पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए सहकारी कमेटियों का खरीद कोटा बढ़ाएगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोगा में कई विकास प्रोजेक्ट्स का नींव पत्थर रखा, जिसमें बिजली प्रोजेक्ट, नगर निगम सड़कों की मरम्मत और प्रमुख सड़कों का अपग्रेडेशन शामिल है। उन्होंने रंगला और जीवंत पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
इससे पहले ‘आप’ पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि भगवंत सिंह मान देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं। आप सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए मार्गदर्शक पहल की हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी सत्ता में आई तो वे दिल्ली में भाजपा की तरह इन जनकल्याण योजनाओं को बंद कर देंगे।
भगवंत मान सरकार की विकासोन्मुखी सोच से रंगला पंजाब की ओर बढ़ रहा है राज्य
मोगा में चल रहे बुनियादी ढांचा कार्य एक निर्णायक और काम-आधारित शासन मॉडल को दर्शाते हैं, जहां सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था में बड़े निवेश किए जा रहे हैं।
47.70 किलोमीटर लंबी मोगा-बाघापुराना-कोटकपूरा सड़क को 46.98 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। 22.72 किलोमीटर मोगा-धर्मकोट सड़क का नवीनीकरण 9.98 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है, जिससे मुख्य कस्बों व गांवों में संपर्क मजबूत होगा।
नगर निगम द्वारा 88.62 करोड़ रुपए के शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें 11.60 करोड़ रुपए के अतिरिक्त टेंडर प्रगति अधीन हैं। इनमें मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 7.58 करोड़ रुपए, अन्य सड़कों के लिए 7.66 करोड़ रुपए, बहुमंजिला सामुदायिक हॉल के लिए 4.16 करोड़ रुपए, पुरानी अनाज मंडी में स्ट्रीट वेंडिंग जोन के लिए 2.19 करोड़ रुपए तथा गुरु नानक कॉलेज चौक पर एक घड़ी टावर के निर्माण के साथ-साथ गीता भवन, रेलवे अंडरब्रिज, जूती मार्केट, प्रताप रोड और मुख्य बाजार समेत शहर की प्रमुख जगहों के सौंदर्यीकरण के लिए 97 लाख रुपए शामिल हैं।
बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाले प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रसूंगावाला में 9.82 करोड़ रुपए की लागत वाला 220 केवी ट्रांसफार्मर, 2.62 करोड़ रुपए की लागत वाला 20 एमवीए ट्रांसफार्मर और 4.22 करोड़ रुपए की लागत वाला सोसण में 132 केवी ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके अलावा मोगा शहर की बिजली वितरण व्यवस्था को अपग्रेड करने पर 3.74 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ये पहल पूरे शहर में बिजली आपूर्ति में सुधार कर रही हैं और आसपास के लगभग नौ गांवों को लाभ पहुंचा रही हैं। साथ ही 1 करोड़ रुपए की लागत से डगरू में एक नया सब-डिवीजन कार्यालय तैयार किया जा रहा है।









