SC के रिटायर जज ने केंद्र के फैसले को बताया गलत, कहा आप सरकार पर नियंत्रित करने के लिए लाया गया अध्यादेश

भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन बी लोकुर (जस्टिस मदन बी लोकुर) ने अध्यादेश मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने केंद्र की मोदी...

भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन बी लोकुर (जस्टिस मदन बी लोकुर) ने अध्यादेश मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों, खासकर लिए गए फैसलों को गलत ठहराया। दिल्ली अध्यादेश मुख्य रूप से दिल्ली की आप सरकार को नियंत्रित करने के लिए लाया गया था। आप सारी शक्तियां केंद्र में लाकर बड़ी गलती कर रहे है। आप संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पहले ही बड़े पैमाने पर अपना विरोध जता चुके हैं।

इस हद तक कि इसे कानून के रूप में लागू करने के बजाय संसद में विधेयक को विफल कराने की कोशिशें की गयीं। इसके तहत उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेताओं से मुलाकात की। पंजाब के सीएम भगवंत मान, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, मराठा पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार और बिहार के सीएम नीतीश कुमार से अलग-अलग मुलाकात की। उनसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया कि यह विधेयक किसी भी स्थिति में नहीं आये।

क्योंकि बिल को कानून बनने के लिए संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई का समर्थन करना होगा। भारतीय जनता पार्टी गठबंधन सरकार के पास लोकसभा में तो ताकत है लेकिन राज्यसभा में नहीं. इसके साथ ही इसे अवैध बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इस मौके पर जस्टिस मदन बी लोकुर की टिप्पणी से हड़कंप मच गया। दिल्ली अध्यादेश का उद्देश्य दिल्ली के लोगों पर दबाव डालना है। उन्होंने साफ किया कि यह जरूरत केंद्र सरकार लेकर आई है।

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