सऊदी अरब ने अमेरिकी निर्णय का किया स्वागत, मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को आतंकवादी संगठन किया घोषित…

सऊदी विदेश मंत्रालय के द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि यह कदम उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा और साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता तथा अरब देशों की समृद्धि में योगदान करता है।

सऊदी अरब ने अमेरिका के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड की शाखाओं को मिस्र, जॉर्डन और लेबनान में आतंकवादी संगठन घोषित किया गया। सऊदी विदेश मंत्रालय के द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया कि यह कदम उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक प्रयासों को मजबूती प्रदान करेगा और साथ ही क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता तथा अरब देशों की समृद्धि में योगदान करता है।

बता दें, अमेरिकी ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने 13 जनवरी 2026 को इस निर्णय की घोषणा की। अमेरिका ने मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र और जॉर्डन शाखाओं को ‘स्पेशली डेजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ तथा लेबनान की शाखा, अल-जमाआ अल-इस्लामिया, को ‘फॉरेन टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन’ करार दिया।
वहीं,अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ये शाखाएं हमास को समर्थन करती हैं, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त हैं, और हथियारों का निर्माण करती हैं, जैसे रॉकेट और ड्रोन। इसी के साथ ये संगठन लड़ाकों की भर्ती भी करते हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा पैदा करते हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नवंबर 2025 के कार्यकारी आदेश के तहत उठाया गया, जिसमें मुस्लिम ब्रदरहुड की कुछ शाखाओं पर निशाना साधा गया था।

बता दें, सऊदी अरब ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि वे उग्रवाद और आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा करते हैं और वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग का समर्थन करते हैं।

वहीं, यह निर्णय मध्य पूर्व में मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति विभाजन को स्पष्ट करता है। जहां मिस्र, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया है, वहीं कतर और तुर्की जैसे देशों में मुस्लिम ब्रदरहुड का प्रभाव मजबूत है। मिस्र ने इस अमेरिकी निर्णय का स्वागत करते हुए इसे उग्र विचारधारा पर एक मजबूत प्रहार बताया। वहीं, मुस्लिम ब्रदरहुड की मिस्र शाखा ने इस फैसले को नकारते हुए कहा कि यह बिना किसी ठोस प्रमाण के लिया गया है।

बता दें, कतर और तुर्की देशों में मुस्लिम ब्रदरहुड पर अपना प्रभाव पूरी तरीके से मजबूत कर रखा है। जिस पर अमेरिका के निर्णय का मिस्त्र ने स्वागत किया है। यह निशाना मुस्लिम ब्रदरहुड की कुछ शाखाओं पर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नवंबर 2025 के कार्यकारी आदेश के तहत उठाया गया था।

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