
Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आवारा कुत्तों के हमलों पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कुत्ते अक्सर उन लोगों पर हमला करते हैं, जो उनसे डरते हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की जब डॉग लवर्स और पालतू कुत्तों के मालिकों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी।
बता दें, कोर्ट ने कहा, “कुत्ता हमेशा उन लोगों को पहचानता है, जो उससे डरते हैं। जब कुत्ते को ऐसा महसूस होता है तो वह हमला कर सकता है।” इस पर कोर्ट में मौजूद डॉग लवर्स सहमति में सिर हिलाने लगे, तो बेंच ने उनसे कहा, “अपना सिर मत हिलाओ।” इसके बाद बेंच ने यह स्पष्ट किया कि यदि कुत्तों को लगता है कि कोई उनसे डर रहा है, तो उनके हमले की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
वहीं, इस दौरान एक वकील ने कहा कि अगर किसी कुत्ते ने पहले किसी व्यक्ति को काट लिया हो तो उसे फिर से बाहर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए हेल्पलाइन पर डॉग बाइट्स की 20 हजार से अधिक शिकायतें आई हैं। वकील ने यह भी बताया कि पालतू और आवारा कुत्तों के बीच अंतर को समझना बहुत जरूरी है।
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि कुत्ते अपने इलाके के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं और हर 200-300 मीटर पर उनका क्षेत्र बदलता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थान पर चारागाह है, तो वहां रहने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि कुत्तों के क्षेत्रीय संघर्षों के कारण उनकी संख्या बढ़ सकती है।









