
Delhi: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कॉलेजियम सिस्टम को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। जस्टिस भुइयां ने कहा कि कॉलेजियम सिस्टम में फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, और इसे अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
बता दें, जस्टिस उज्जल भुइयां ने सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम सिस्टम में सुधार की आवश्यकता को लेकर अपनी चिंता जताई। उनका मानना है कि इस प्रणाली में जजों की नियुक्ति के मामले में अधिक खुलापन और स्पष्टता होनी चाहिए। कॉलेजियम सिस्टम में उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति होती है, लेकिन इस प्रणाली को लेकर कई बार विवाद उठ चुके हैं।
कॉलेजियम प्रणाली के तहत, सर्वोच्च न्यायालय के पांच वरिष्ठतम जजों का एक पैनल जजों की नियुक्ति और पदोन्नति के लिए निर्णय लेता है। हालांकि, इस प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और बाहरी निगरानी की आवश्यकता को लेकर कई आलोचनाएँ उठती रही हैं।
बता दें, जस्टिस उज्जल भुइयां की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि कॉलेजियम सिस्टम में सुधार की जरूरत है, ताकि न्यायपालिका में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। यह बयान उस समय आया है जब न्यायपालिका की स्वतंत्रता और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है।









