‘बेटा नहीं बेटी पैदा हुई तो मार दी गोली’: मुजफ्फरनगर में 81 साल के पुजारी की हत्या का खौफनाक खुलासा, पिता-पुत्र गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भौराकलां थाना क्षेत्र से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत और आस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यहाँ आईटीआई कॉलेज के पास स्थित शिव मंदिर में सालों से साधना और सेवा में लीन रहने वाले 81 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतों को खोलते हुए पुलिस ने जो सच उजागर किया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

मामले की जांच कर रही पुलिस टीमों ने जब छानबीन आगे बढ़ाई तो सामने आया कि इस हत्या के पीछे अंधविश्वास, बौखलाहट और साजिश का एक खौफनाक ताना-बाना बुना गया था। गिरफ्तार आरोपी हाशिम और उसके बेटे जीशान की पत्नी करीब डेढ़ महीने पहले गर्भवती थी। परिवार को उम्मीद थी कि उनके घर बेटा जन्म लेगा। इसी दौरान मंदिर के पुजारी स्वामी देवानंद भारती से भी इस संबंध में बातचीत हुई थी और उन्होंने बेटे के जन्म की संभावना जताई थी। लेकिन जब घर में बेटी ने जन्म लिया, तो अंधविश्वास में अंधे पिता-पुत्र पुजारी से रंजिश रखने लगे।

बेटी के जन्म के बाद पुजारी और इस परिवार के बीच तीखा विवाद हुआ, जिसके बाद पिता-पुत्र ने बुजुर्ग साधु को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। वारदात के दिन आरोपियों ने मंदिर परिसर में घुसकर 81 साल के बेकसूर स्वामी जी की गोली मारकर हत्या कर दी।

इस घिनौने अपराध को छिपाने के लिए आरोपियों ने एक और चाल चली। उनका अपने ही पड़ोसी हरेंद्र से पुराना विवाद चल रहा था। पुलिस की जांच भटकाने और हरेंद्र को हत्या के मामले में सलाखों के पीछे भिजवाने की नीयत से आरोपियों ने घटनास्थल पर जानबूझकर हरेंद्र की एक फोटो छोड़ दी थी।

हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित तीन विशेष पुलिस टीमों ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के आधार पर महज कुछ ही समय में इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (ग्लैमर), 315 बोर के दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद कर लिए हैं। बुजुर्ग संत की निर्मम हत्या और पड़ोसी को फंसाने की इस साजिश के बेनकाब होने के बाद क्षेत्र में लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

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