
राजौरी। जम्मू-कश्मीर की नौशेरा निवासी सिमरन बाला ने इतिहास रचते हुए गणतंत्र दिवस परेड 2026 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पुरुष काफिले की अगुवाई करेंगी। वह इस प्रतिष्ठित परेड में सीआरपीएफ के पुरुष दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बन गई हैं। यह उपलब्धि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और उनकी ताकत का प्रतीक है।
बता दें, सिमरन बाला का जन्म जम्मू-कश्मीर के नौशेरा क्षेत्र में हुआ था। वह बचपन से ही देश सेवा के प्रति समर्पित रही हैं और भारतीय सेना में शामिल होने का सपना देखती थीं। सिमरन ने अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें सीआरपीएफ के पुरुष काफिले की कमान सौंपने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वहीं, सिमरन बाला की यह उपलब्धि महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है। यह न केवल सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका को उजागर करता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि महिला अधिकारी किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। सीआरपीएफ के पुरुष काफिले का नेतृत्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे सिमरन ने पूरी जिम्मेदारी और दक्षता से निभाया।
बता दें, सीआरपीएफ जैसे सुरक्षा बलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सिमरन बाला की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह साबित होता है कि महिलाएं किसी भी मोर्चे पर पुरुषों के बराबर सफलता हासिल कर सकती हैं। उनका यह कदम भारतीय समाज में महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा।
सिमरन बाला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल सीआरपीएफ बल्कि पूरे देश को गर्व महसूस कराया है। उन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और साहस से यह साबित किया है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर सकती हैं। उनका यह कदम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है और भारतीय सुरक्षा बलों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ता है।









