
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने प्रदूषण और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत दिल्ली-एनसीआर में शर्तों के साथ ग्रीन पटाखों की बिक्री और उनके इस्तेमाल की अनुमति दे दी गई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने स्पष्ट किया है कि नागरिक आगामी 7 और 8 नवंबर 2026 को निर्धारित समय सीमा के भीतर ही ग्रीन पटाखे चला सकेंगे।
अदालत के निर्देशानुसार, पटाखे जलाने के लिए सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात को 8 बजे से 10 बजे तक का समय तय किया गया है। हालांकि, इस छूट के साथ कुछ सख्त शर्तें भी जोड़ी गई हैं। बाजार में केवल उन्हीं ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति होगी जो सीएसआईआर-नीरी (CSIR-NEERI) द्वारा प्रमाणित और पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित होंगे। इसके अलावा, इनका निर्माण कार्य केवल 2 से 6 नवंबर के बीच ही किए जाने का निर्देश दिया गया है।
पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को 2 से 30 नवंबर तक कड़े तौर पर प्रदूषण की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रदूषण की वजह से प्रभावित होने वाले मरीजों और उससे जुड़ी मौतों का पूरा डेटा जुटाने को भी कहा गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं या निर्माताओं का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है, जिससे पहले 14 दिसंबर तक सभी संबंधित पक्षों को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया गया है।









