
स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी अलग पार्टी बनाने का जल्द ऐलान कर सकते हैं। समाजवादी पार्टी से नाराज चल रहे स्वामी सपा राष्ट्रीय महासचिव के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उनके नई पार्टी का नाम राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी हो सकती है। स्वामी अपनी नई पार्टी का ऐलान 22 फरवरी को कर सकते हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य लगभग सभी पार्टियों में रह चुके हैं। सपा में आने से पहले वह भाजपा में थे। बीजेपी में आने से पहले वह बहुजन समाज पार्टी में थे। 2017 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। इसके पांच साल बाद विधानसभा चुनाव 2022 से पहले भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए।
स्वामी प्रसाद मौर्य 1980 में राजनीति में सक्रिय हुए। स्वामी इलाहाबाद युवा लोकदल की प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य बने और जून 1981 से 1989 तक महामंत्री रहे। 1991 से 1995 के बीच जनता दल में रहे। 1996 में बसपा में शामिल हुए और विधायक बने। इसके बाद 2002 में फिर से विधायकी जीतकर मायावती सरकार में मंत्री बने।
अब लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली हैं। हर चुनाव के पहले स्वामी प्रसाद का दलबदल वाला खेल शुरू हो जाता है। अब हो सकता है कि दल बदल के खेल पर विराम लग जाए।









