
पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के भारत के खिलाफ T20 वर्ल्ड कप खेलने के फैसले पर तंज कसा, उनका मानना है कि पाकिस्तान आर्थिक लाभ के लिए यह कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अब यह अहसास हुआ कि बिना भारत के यह टूर्नामेंट सफल नहीं हो सकता था, और अगर उन्होंने खेल से किनारा किया तो उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता था।
हरभजन ने ANI से बातचीत करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उन्हें यह बहुत देर से समझ में आया कि टूर्नामेंट बिना उनके हो सकता है, लेकिन बिना भारत के नहीं। वे पहले बांगलादेश के समर्थन में थे, लेकिन फिर उन्होंने भारी वित्तीय नुकसान और ICC द्वारा प्रतिबंध लगाने के डर से अपना फैसला बदल लिया।”
पूर्व BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली ने भी पाकिस्तान के इस बदलाव पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि “खेल और राजनीति अलग-अलग चीजें हैं, और यह अच्छा है कि पाकिस्तान अपना फैसला बदलकर खेल रहे हैं।” गांगुली ने यह भी कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत-पाकिस्तान मैचों में ज्यादा प्रतिस्पर्धा नहीं रही, लेकिन इस बार उम्मीद है कि पाकिस्तान अच्छा खेलेगा।
पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने पाकिस्तान के इस यू-टर्न को “ड्रामा” बताया, और कहा कि पाकिस्तान का यह बदलता हुआ रुख उनके अपने खिलाड़ियों को भी हतोत्साहित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा, “यह सिर्फ उनके अपने संतोष के लिए किया जा रहा है, कभी खेलने से मना करते हैं, कभी खेलनें का फैसला करते हैं।”
भारत के 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल ने भी पाकिस्तान के फैसले का समर्थन किया और कहा, “यह अच्छा है कि पाकिस्तान खेल रहा है, क्योंकि अगर वे नहीं खेलते तो टूर्नामेंट का आकर्षण खत्म हो जाता।”
पाकिस्तान का यह यू-टर्न पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बीच बातचीत के बाद आया है, जिसमें बांगलादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी पाकिस्तान से अपील की थी कि वह भारत के खिलाफ अपने मैच में हिस्सा लें।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम को निर्देश दिया कि वह 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले वर्ल्ड कप मैच में भारत से खेले। इससे पहले पाकिस्तान ने बांगलादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना कर दिया था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।









