
लखनऊ। श्रृंखला के पहले मुकाबले में शानदार जीत का स्वाद चखने के बाद भारतीय टीम बुधवार को अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरा वनडे खेलने उतरेगी। इरादा एक और जीत के साथ सीरीज में अजेय बढ़त लेने का है। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले में दर्शकों की टकटकी दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा पर टिकी रहेगी। विराट कोहली और हार्दिक पांड्या के चोट के कारण बाहर होने की वजह से इस पूरी सीरीज में रोहित ही भारत के सबसे अनुभवी और बड़े सितारे के रूप में नजर आएंगे। गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा श्रृंखला में उनके बल्ले से निकला प्रदर्शन अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए उनके चयन की राह तय कर सकता है।
मंगलवार को मैच की पूर्व संध्या पर दोनों ही टीमों ने जमकर पसीना बहाया और अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दिया। इस मैदान के पिछले रिकॉर्ड देखें तो यहाँ लक्ष्य का पीछा करना तुलनात्मक रूप से आसान रहा है, इसलिए टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी को तरजीह दे सकता है। कप्तान शुभमन गिल के अलावा टीम में श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, केएल राहुल और अर्शदीप सिंह जैसे प्रमुख खिलाड़ियों से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीदें होंगी। वहीं, पहला मैच खेल चुके नए चेहरे गुरनूर बरार और स्पिनर हर्ष दुबे अपनी शानदार शुरुआत को आगे बढ़ाने के इरादे से होंगे। हरफनमौला भूमिका में वाशिंगटन सुंदर और नितीश कुमार रेड्डी के लिए भी अपनी काबिलियत साबित करने का यह बेहतरीन अवसर है।
अफगानिस्तान की बात करें तो पहले मैच में ताबड़तोड़ शतक जड़ने वाले विकेटकीपर रहमानुल्लाह गुरबाज से एक बार फिर बड़े स्कोर की आस होगी। उनके जोड़ीदार इब्राहिम जादरान यदि शुरुआती झटके नहीं देते हैं तो टीम एक मजबूत नींव रख सकती है। कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी क्रीज पर जमकर लंबी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। वहीं, स्टार लेग स्पिनर राशिद खान इकाना की पिच से मिलने वाली मदद का फायदा उठाकर भारतीय पारी की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकते हैं। अनुभवी ऑलराउंडर मोहम्मद नबी का चालीस साल की उम्र का तजुर्बा भी मेहमान टीम के किसी भी मोड़ पर काम आ सकता है।
कुलदीप के लिए घरेलू सरजमीं पर सुनहरा मौका
भले ही कुलदीप यादव का हालिया फॉर्म उनके पक्ष में नहीं बोल रहा हो, लेकिन अपनी घरेलू पिच पर उन्हें आजमाने का यह सही वक्त हो सकता है। बाएं हाथ का यह स्पिनर मध्य के ओवरों में खेल की गति पर लगाम कसने में महारत रखता है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार खेलने के बाद उनके प्रदर्शन का ग्राफ काफी नीचे आया है। आईपीएल में भी वे कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे और अफगानिस्तान के विरुद्ध इकलौते टेस्ट में तो वे अपनी लय के लिए बुरी तरह जूझते नजर आए।
पांच मुकाबलों में भारत का पलड़ा भारी
दोनों देशों के बीच अब तक कुल पाँच वनडे खेले गए हैं। इनमें से भारत ने चार बार बाजी मारी है, जबकि एक मुकाबला टाई रहा। अफगानिस्तान अभी तक जीत के खाते की तलाश में है।
अफगानिस्तान को कम नहीं आंकेंगे : बहुतुले
टीम इंडिया के स्पिन कोच साइराज बहुतुले ने कहा कि मकसद सीरीज पर कब्जा करने का है, लेकिन अफगानिस्तान जैसी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। धर्मशाला और लखनऊ के मौसम के फर्क पर उन्होंने साफ कहा कि खिलाड़ी इस तरह के उतार-चढ़ाव के आदी हैं और इसका खेल पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। वहीं श्रीलंका के साथ मैच में वैभव सूर्यवंशी से जुड़े विवाद पर बहुतुले ने टिप्पणी करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि वैभव स्वभाव से काफी शांत लड़का है और वह इस अनुभव से जरूर सबक लेगा।
छोटी चूक भी पड़ेगी भारी : शाहिदी
अफगान टीम के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने स्वीकार किया कि भारत जैसे सशक्त प्रतिद्वंद्वी के सामने छोटी सी गलती भी हार का कारण बन सकती है, फिर भी उनकी टीम सकारात्मक सोच के साथ उतरेगी। पिछले मैच की कमियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बार-बार विकेट गिरने की समस्या पर चिंता जताई और बड़ी साझेदारियों की जरूरत पर जोर दिया। पिच के बारे में उनका मानना है कि यहाँ की विकेट थोड़ी धीमी रह सकती है, जहाँ स्पिनरों का दबदबा रहने की उम्मीद है।









