सेना ने दी ₹292 करोड़ की मंजूरी, 300 KM तक मार करने वाले रॉकेट का विकास करेगा भारतीय डिफेंस कंपनी

भारतीय सेना की रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम को अपग्रेड करना और दुश्मन पर अधिक प्रभावी हमला करने के लिए हैं। जिसकी कीमत 292.69 करोड़ रुपये हैं। सिस्टम की खासियत यह यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक की दूरी पर विभिन्न प्रकार के रॉकेट दागने की क्षमता रखता है।

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने अपनी रॉकेट लॉन्चिंग प्रणाली को और मजबूत करने के लिए स्वदेशी डिफेंस कंपनी नाइब लिमिटेड के साथ 292 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण सौदा किया है। इस सौदे के तहत सेना को उच्च गुणवत्ता वाले ग्राउंड इक्विपमेंट, एक्सेसरीज, और विशेष प्रकार के रॉकेट मिलेंगे। यह सौदा भारतीय सेना की दीर्घकालिक रणनीतियों का हिस्सा है, जिसमें दुश्मन पर तेजी से और गहराई तक प्रहार करने की क्षमता को बढ़ाने की योजना है।

भारतीय सेना की रॉकेट लॉन्चिंग सिस्टम को अपग्रेड करना और दुश्मन पर अधिक प्रभावी हमला करने के लिए हैं। जिसकी कीमत 292.69 करोड़ रुपये हैं। सिस्टम की खासियत यह यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक की दूरी पर विभिन्न प्रकार के रॉकेट दागने की क्षमता रखता है।

बता दें कि, नाइब लिमिटेड ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सूचित किया कि उन्होंने भारतीय सेना के साथ एक सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत नाइब, यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए आवश्यक ग्राउंड इक्विपमेंट, एक्सेसरीज, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट मेजर्स (ESP) और गोला-बारूद (एम्युनिशन) का निर्माण और आपूर्ति करेगी।

आपको बता दें, यह सौदा ‘इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट’ (EP) रूट के तहत किया गया है, जो सेना को तात्कालिक सुरक्षा जरूरतों के मद्देनजर जल्दी से उपकरण और सामान खरीदने का अवसर प्रदान करता है। खास बात यह है कि यह रूट मई 2020 में भारत और चीन के बीच एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर बढ़ते तनाव के बाद शुरू किया गया था। इसके माध्यम से सेना किसी भी संकटपूर्ण या युद्ध जैसी स्थिति में तुरंत आवश्यक सामानों की आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है।

वहीं, इस सौदे के तहत नाइब लिमिटेड अगले 12 महीनों के भीतर निर्धारित किश्तों में उपकरणों और सामग्रियों की आपूर्ति करेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि भारतीय सेना को समय पर सभी आवश्यक सामग्रियाँ मिल सकें, जिससे किसी भी ऑपरेशन में सफलता प्राप्त की जा सके।

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