UGC बिल पर वाराणसी में स्वर्ण समाज का हंगामा, जेल भरने के साथ शस्त्र उठाने तक की खुली धमकी !

वाराणसी। विश्वविद्यालयों में समानता का अधिकार देने के लिए UGC के नए बिल का देशभर में विरोध हो रहा है। कुछ ऐसे नियम जिस पर स्वर्ण समाज के लोगों ने आपत्ति जताते हुए पूरे देश में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्वर्ण समाज के साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ सहित तमाम विद्यालयों के स्वर्ण समाज के छात्र UGC के नए बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों और स्वर्ण समाज के लोगों ने नए बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जेल भरने और शस्त्र ( हथियार) उठाने तक की खुली धमकी देते नजर आए। मौके पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जिला मुख्यालय के अंदर जाने से रोका तो प्रदर्शनकारी जिला मुख्यालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ नारेबाजी करने लगें।

UGC के नए बिल को स्वर्ण समाज के लोगों ने बताया घातक, बिल को वापस लिए जाने की मांग…

वाराणसी में यूजीसी के नए बिल को लेकर स्वर्ण समाज के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्वर्ण समाज के लोगों ने आपत्ति जताते हुए आशंका व्यक्त किया कि यदि यूजीसी नए बिल को वापस नहीं लेती है, तो यह स्वर्ण समाज के छात्रों के लिए काफी घातक होने वाला है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र आशुतोष तिवारी ने कहा कि किसी छात्र के शिकायत के बाद जो कमेटी गठित करने की बात कही जा रही है उन कमेटी में स्वर्ण समाज को अनिवार्य क्यों नहीं किया गया। जबकि यह बिल यह कहकर लाया गया है कि इस बिल से सभी छात्रों को समानता का अधिकार मिलेगा। तो ऐसे में जब कमेटी में OBC, SC – ST और दिव्यांग सदस्य को अनिवार्य किया गया है, तो स्वर्ण समाज के सदस्य को भी अनिवार्य किया जाना जाहिए। जिससे किसी भी समाज में भेदभाव का आरोप आने वाले भविष्य में ना लगे। वहीं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रवि सिंह का कहना है कि बिल में दोष सिद्ध न होने पर दलित और OBC छात्र के ऊपर किसी प्रकार के कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ऐसे में कोई भी दलित छात्र द्वेषपूर्ण भाव से किसी भी स्वर्ण समाज के छात्र पर झूठा आरोप भी लगा सकता है।

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