
बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील क्षेत्र में सरयू नदी पर बने उत्तर भारत हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह नदी में निर्धारित मानकों के अनुसार पानी नहीं छोड़ रहे हैं।
कपकोट के समाजसेवी राजेंद्र कपकोटी और हरीश उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट द्वारा सरयू नदी में न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह के तहत छोड़ा जाने वाला 20 प्रतिशत पानी भी नहीं छोड़ा जा रहा है। उनका आरोप है कि यह स्थिति सरयू नदी के जल स्तर को तेजी से घटा रही है और इससे पूरे क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होने की स्थिति में आ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का घटता जल स्तर जलचर जीवन, खेती और पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इसके अलावा, प्रशासन की चुप्पी भी इस मुद्दे पर सवाल खड़े कर रही है।
समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर मामले की तत्काल जांच की जाए और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को निर्धारित मानकों के अनुसार नदी में पानी छोड़ने के निर्देश दिए जाएं, ताकि सरयू नदी के अस्तित्व और पर्यावरण संतुलन को बचाया जा सके।









