अलीगढ़ का ताला हुआ डिजिटल, खोलने के लिए नहीं लगानी होगी चाबी, जानें इस ताले की खूबियां

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ ताला नगरी के नाम से मशहूर है। अगर बात ताले की हो तो अलीगढ़ का नाम जरूर आता है क्योंकि अलीगढ़ का ताला कारोबार काफी पुराना है। ताला कारोबार के लिए मशहूर अलीगढ़ अब स्मार्ट डोर लॉक इंटरनेशनल मार्केट में अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं। क्योंकि मार्केट में अब बायोमेट्रिक डोर लॉक की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। जिसे देखते हुए अब अलीगढ़ में उंगली के टच से खुलने वाले ताले तैयार किये जाएंगे।

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ ताला नगरी के नाम से मशहूर है। अगर बात ताले की हो तो अलीगढ़ का नाम जरूर आता है क्योंकि अलीगढ़ का ताला कारोबार काफी पुराना है। ताला कारोबार के लिए मशहूर अलीगढ़ अब स्मार्ट डोर लॉक इंटरनेशनल मार्केट में अपनी पहचान बनाने को तैयार हैं। क्योंकि मार्केट में अब बायोमेट्रिक डोर लॉक की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। जिसे देखते हुए अब अलीगढ़ में उंगली के टच से खुलने वाले ताले तैयार किये जाएंगे।

मार्केट में अब बायोमेट्रिक डोर लॉक की डिमांड बढ़ने की वजह से अब अलीगढ़ भी डिजिटल लॉक के लिए खुद को तैयार कर रहा है। डिजिटल लॉक की जनरेशन में ताइवान की टेक्नोलॉजी और अलीगढ़ की मजबूती मिलेगी। तो वहीं चीन को भी चुनौती मिलेगी, क्योंकि अभी बायोमेट्रिक और डिजिटल लॉक में चीन सबसे आगे है।

डिजिटल डोर लॉक की डिमांड ग्लोबल मार्केट में तेजी से बढ़ी है, साल 2020 तक इसका बाजार करीब 24 हजार करोड़ रुपए था। जिसे देखते हुए माना जा रहा है, 2027 तक इसका मार्केट करीब 1.34 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा।

जानें डिजिटल लॉक की खूबियां

अलीगढ़ के ताले में अब ताइवान की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
IIA ने ताइवान से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर कराने को लेकर बातचीत शुरू कर दी है।
इन तालों में अब चिप और इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) का इस्तेमाल किया जाएगा।

क्या है डिजिटल या बायोमेट्रिक डोर लॉक?

बायोमेट्रिक एक ऐसा सिस्टम है जो आपको फिंगरप्रिंट को स्कैन करके उसका डेटा स्टोर करता है।
स्क्रीन के अंदर लगे सेंसर आपके फिंगरप्रिंट को स्कैन करके स्टोर डेटा से मिलाते हैं।
डेटा मैच होने के बाद लॉक खुल जाता है।
फिंगरप्रिंट अपडेट करने के लिए बायोमैट्रिक प्रोसेस से दोबार गुजरना होता है।

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