
ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय मूल के व्यक्ति विक्रांत ठाकुर ने अपनी पत्नी के कत्ल के मामले में अजीब दावा किया है। एडिलेड मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी सुनवाई के दौरान विक्रांत ने कहा कि उसने अपनी पत्नी सुप्रिया ठाकुर को मारा जरूर है, लेकिन यह कत्ल नहीं था। 42 वर्षीय विक्रांत ने दावा किया कि वह हत्या का दोषी नहीं हो सकता, और मामले को “manslaughter” (गैर-इरादतन हत्या) का मामला मानते हैं, न कि मर्डर का।
विक्रांत ठाकुर पर आरोप है कि उसने अपनी पत्नी को दिसंबर 2025 में हत्या कर दी थी। अदालत में अपनी दलील में उसने कहा कि गुस्से में या उत्तेजना के चलते कभी-कभी कुछ घटनाएँ हो जाती हैं, और इस मामले में भी वही हुआ है। उसका कहना था कि मर्डर का मामला तब बनता है जब कोई योजना बनाकर हत्या करता है, जबकि उसकी स्थिति में ऐसा कुछ नहीं था।
विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रांत ने यह दावा अपनी सजा को कम करने के लिए किया है। यदि उसे गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया जाता है, तो उसकी सजा कम हो सकती है, क्योंकि मर्डर के मुकाबले “manslaughter” एक कम गंभीर अपराध है।
विक्रांत को 14 जनवरी 2026 को अदालत में पेश किया गया था, और पहली सुनवाई 22 दिसंबर 2025 को हुई थी। पुलिस के अनुसार, विक्रांत की पत्नी सुप्रिया ठाकुर को 21 दिसंबर को अचेत अवस्था में उनके घर के पास पाया गया था। पुलिस ने सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन वह बच नहीं पाई। पुलिस का कहना था कि वह पहले ही मर चुकी थी।
इस मामले में विक्रांत के वकील ने अदालत से गुजारिश की थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के मिलने तक सुनवाई को 16 सप्ताह तक के लिए टाल दिया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई अप्रैल 2026 में होगी।
इस केस से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि सुप्रिया ठाकुर के दोस्तों और अन्य लोगों ने उनके बेटे के भविष्य को संवारने के लिए एक फंड तैयार किया है। GoFundMe चैरिटी पेज पर लिखा गया है कि सुप्रिया एक मेहनती और समर्पित मां थीं, जो अपने बेटे का बेहतर भविष्य बनाने के लिए कड़ी मेहनत करती थीं। वे एक पेशेवर नर्स थीं और उनकी पहचान अपने काम में बहुत सम्मानित थी।
विक्रांत ठाकुर की ओर से किए गए इस अजीब दावे के बाद इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। अब यह देखना होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और विक्रांत को किस श्रेणी में दोषी ठहराती है।









