ईसानगर में एक नहीं, छह तेंदुओं की मौजूदगी से दहशत में ग्रामीण; बच्चों का बाहर निकलना बंद, किसान अकेले नहीं जा रहे खेत

सात वर्षीय शुभम का शिकार करने वाला तेंदुआ अब तक पकड़ से बाहर; पिंजरे और कैमरे नहीं दिला पाए सफलता, वन विभाग की टीमें लगातार कर रहीं निगरानी

ईसानगर/लखीमपुर खीरी। ईसानगर क्षेत्र में एक साथ छह तेंदुओं की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है। वन विभाग की निरंतर निगरानी और स्थानीय लोगों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तेंदुओं की गतिविधियाँ लगातार देखी जा रही हैं, जिससे पूरा इलाका भय की छाया में जीने को मजबूर है।

बच्चों का घर से निकलना बंद, अभिभावक चिंतित

ग्रामीणों के अनुसार, कस्बा ईसानगर के उत्तरी हिस्से और राजा साहब की कोठी के आसपास तेंदुए को विचरण करते देखा गया है। इसके अलावा दुर्गापुर पड़री क्षेत्र में भी तेंदुए की मौजूदगी की सूचना ने स्थानीय निवासियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह बंद कर दिया है।

कृषि कार्य हुए प्रभावित, किसान समूह में जा रहे खेत

आम की फसल के चरम मौसम में बागों की रखवाली और तुड़ाई का कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण अब अकेले बागों की ओर जाने का साहस नहीं जुटा पा रहे और समूह बनाकर ही आम के बगीचों में जाने को विवश हैं। इसी प्रकार, किसान भी फसलों की गुड़ाई, खाद डालने, सिंचाई और निगरानी जैसे आवश्यक कृषि कार्यों के लिए खेतों में अकेले जाने से बच रहे हैं। तेंदुओं के भय ने ग्रामीण जीवन और कृषि चक्र को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

वन विभाग की पकड़ से अब तक दूर हैं तेंदुए

कुछ दिन पूर्व सात वर्षीय मासूम शुभम को अपना शिकार बनाने वाला तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ से दूर है। तेंदुओं को पकड़ने के लिए क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे और निगरानी कैमरे भी अभी तक कोई विशेष सफलता नहीं दिला पाए हैं। तेंदुए के हमले की निरंतर बनी आशंका के चलते ईसानगर और आसपास के गांवों के लोग हर पल सतर्कता बरतने को मजबूर हैं।

पकड़े जाने की आस में ग्रामीण

ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक इन तेंदुओं को सुरक्षित रूप से पकड़कर उनके प्राकृतिक आवास जंगल में नहीं छोड़ दिया जाता, तब तक पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का यह माहौल बना रहेगा। इस संबंध में वन दरोगा अभिषेक कुमार का कहना है कि वन विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन ग्रामीणों को अब केवल तेंदुओं के पकड़े जाने का इंतजार है।

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