
लंदन के उत्तरी इलाके में स्थित ‘बिलेनियर्स रो’ नामक विशेष क्षेत्र, जो आलीशान हवेलियों और शानदार ब्लैक डोर्स के लिए जाना जाता है, उसके पीछे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई का एक जटिल नेटवर्क सामने आया है। ब्लूमबर्ग की एक जांच से पता चला है कि इन लक्ज़री प्रॉपर्टीज़ (Luxury Real Estate) का अंतिम स्वामित्व तेहरान से लेकर दुबई तक फैले गुप्त कंपनी नेटवर्क (Secret Company Network) के जरिए मोजतबा तक पहुंचता है।
पिता के संभावित उत्तराधिकारी, पश्चिम में छिपी दौलत
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के सर्वोच्च नेता का संभावित उत्तराधिकारी (Potential Successor) माना जाता है। जांच के अनुसार, वह सीधे अपने नाम पर संपत्ति नहीं रखते, लेकिन 2011 से चल रही कई डीलों में उनकी सीधी भागीदारी रही है। यह जानकारी मामले से जुड़े सूत्रों और एक प्रमुख पश्चिमी खुफिया एजेंसी (Western Intelligence Agency) के आकलन से सामने आई है।
लंदन से दुबई तक: अरबों डॉलर की अंतरराष्ट्रीय संपत्तियां
रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई का निवेश जाल काफी विस्तृत है:
- यूके में संपत्ति: सिर्फ ब्रिटेन में ही उनकी 138 मिलियन डॉलर (लगभग 1150 करोड़ रुपये) से अधिक की संपत्तियां हैं, जिनमें लंदन के प्रतिष्ठित इलाकों में आलीशान घर शामिल हैं। एक घर जिसे 2014 में 33.7 मिलियन यूरो में खरीदा गया था।
- वैश्विक निवेश: दुबई के बेवर्ली हिल्स (Dubai Beverly Hills) में विला, फ्रैंकफर्ट से लेकर स्पेन के मलोरका (Mallorca Property) तक लक्ज़री होटल चेन, जहाजरानी व्यवसाय (Shipping Industry Investment) में निवेश और स्विस बैंक खातों (Swiss Bank Accounts) में नकदी शामिल है।
ईरानी तेल की बिक्री से पैसे, प्रतिबंधों को करतब दिखाता नेटवर्क
यह जटिल नेटवर्क मोजतबा खामेनेई को अमेरिकी प्रतिबंधों (US Sanctions on Iran) के बावजूद अरबों डॉलर पश्चिमी बाजारों में पहुंचाने में सक्षम बनाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन लेन-देन के लिए नकदी मुख्य रूप से ईरानी तेल की बिक्री (Iranian Oil Sales) से आती है, जिसे ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और यूएई के बैंकों के माध्यम से प्रोसेस किया जाता है।
प्रॉक्सी के जरिए छिपाया गया स्वामित्व
ब्लूमबर्ग द्वारा देखे गए किसी भी दस्तावेज में खामेनेई का नाम सीधे तौर पर नहीं मिला। अधिकांश खरीदारी एक ईरानी व्यवसायी अली अंसारी (Ali Ansari Iranian Businessman) के नाम पर दर्ज हैं, जिन पर ब्रिटेन ने पिछले अक्टूबर में प्रतिबंध लगा दिया था। यह तरीका स्वामित्व को छिपाने (Hidden Ownership) और प्रतिबंधों से बचने का एक मानक तरीका बताया जा रहा है।
इस खुलासे से ईरान के शीर्ष नेतृत्व की विशाल छिपी हुई संपत्ति (Hidden Wealth of Iranian Leaders) और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को कैसे बायपास किया जाता है, इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।









