
वॉशिंगटन: वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव पहले ही चरम पर है, और अब अमेरिका ने वेनेजुएला के लिए एक और कड़ा फरमान जारी किया है। अमेरिका ने वेनेजुएला से कहा है कि वह रूस, ईरान और क्यूबा जैसे देशों से अपने रिश्ते कम करे और आर्थिक संबंधों को पूरी तरह से तोड़ दे। अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला को तेल उत्पादन में केवल अमेरिका के साथ विशेष साझेदारी करनी चाहिए और भारी कच्चे तेल की बिक्री में प्राथमिकता अमेरिका को देनी चाहिए। यह कदम वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों वाला देश है।
अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज को दिए गए सख्त निर्देश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अमेरिका के साथ विशेष तेल साझेदारी करें। एबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका यह भी चाहता है कि वेनेजुएला अपने रिश्तों को रूस, ईरान, बीन और क्यूबा के साथ पूरी तरह से समाप्त कर दे। रिपोर्ट में तीन अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वेनेजुएला को अधिक तेल उत्पादन की अनुमति तभी मिलेगी, जब वह इन शर्तों को मानेगा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
वेनेजुएला और अमेरिका के रिश्ते
यह मांगें ऐसे समय में सामने आई हैं जब अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया है और डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया है। वेनेजुएला लंबे समय से चीन, रूस, ईरान और क्यूबा पर अपनी आर्थिक और सुरक्षा सहायता के लिए निर्भर रहा है। विशेष रूप से हूगो चावेज और मादुरो के शासनकाल में इन देशों के साथ वेनेजुएला के रिश्ते मजबूत हुए थे। इन संबंधों को तोड़ना वेनेजुएला की विदेश नीति में एक बड़ा उलटफेर होगा।
ट्रंप का तेल डील पर बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार शाम को कहा कि वेनेजुएला अमेरिका को 30 से 50 मिलियन बैरल तेल भेजेगा, जिसकी कीमत वर्तमान बाजार मूल्य पर लगभग 2.8 अरब डॉलर तक हो सकती है। उन्होंने घोषणा की कि यह तेल बाजार मूल्य पर बेचा जाएगा और इससे होने वाली आय का उपयोग दोनों देशों के लाभ के लिए किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन अगले सप्ताह अमेरिकी तेल कंपनियों से वेनेजुएला में निवेश पर चर्चा करेगा।
वेनेजुएला के तेल भंडार पर संकट
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करना चाहता, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वे वेनेजुएला के भविष्य को निर्देशित करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे, खासकर तेल राजस्व से वित्तपोषित कार्यक्रमों के जरिए। यह घटनाक्रम वैश्विक तेल बाजार और भू-राजनीतिक रिश्तों को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडारों वाला देश है और उसके तेल का बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।









