TMC का BJP और EC पर बड़ा आरोप, कहा- ‘बंगाल चुनाव में लोकतंत्र का मजाक बना दिया गया’…

TMC ने BJP और EC पर गंभीर आरोप लगाए, कहा- बंगाल विधानसभा चुनावों में लोकतंत्र का क्रूर मज़ाक किया गया है। पार्टी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने राज्य में वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विवाद, खासकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर BJP और ECI के कथित दखल को “भारतीय लोकतंत्र का क्रूर मज़ाक” करार दिया है।

बता दें, TMC ने बुधवार को एक X पोस्ट में दावा किया कि बीजेपी और चुनाव आयोग “चुनाव के नतीजों को अपने पक्ष में रिग” करने के लिए “चुनिंदा असली वोटरों को टारगेट कर रहे हैं और उनके नाम हटा रहे हैं।” पार्टी ने इसे “बेशर्म कोशिश” कहा।

पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि “महान कलाकार नंदलाल बोस, जिन्होंने भारतीय संविधान को इलस्ट्रेट किया था, के पोते सुप्रबुद्ध सेन और उनकी पत्नी के नाम भी वोटर लिस्ट से मनमाने तरीके से हटा दिए गए हैं।” पार्टी ने यह भी कहा कि जिन वोटरों के घरों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने खुद लंच किया था, उनके नाम भी हटा दिए गए हैं।

TMC ने भाजपा को चेतावनी दी है कि यदि पार्टी को लगता है कि असली वोटरों को “मताधिकार से वंचित” करने से जीत मिलेगी, तो उन्हें “बुरी तरह से जगाया जाएगा।” पार्टी ने कहा, “अगर बंगाल में सिर्फ़ एक भी असली वोटर बचा, तो वह भी ममता बनर्जी को ही जाएगा।”

वहीं, यह तनाव तब और बढ़ा जब TMC का एक डेलीगेशन चुनाव आयोग के साथ मीटिंग करने गया, जिसमें ECI ने साफ कहा कि राज्य में चुनाव बिना किसी डर, हिंसा, धमकी, लालच, रेड और बूथ जैमिंग के होंगे। ECI ने X पर लिखा, “ECI की तृणमूल कांग्रेस से सीधी बात। इस बार, पश्चिम बंगाल में चुनाव निश्चित रूप से होंगे: बिना डर, बिना हिंसा, बिना धमकी, बिना लालच के, और बिना किसी रेड, बूथ जैमिंग और सोर्स जैमिंग के।”

वहीं, चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार ने TMC के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन से तमीज़ बनाए रखने की अपील की और कहा कि आयोग के परिसर में चिल्लाना और गलत व्यवहार मंज़ूर नहीं किया जाएगा।

पार्टी ने आयोग को एक अलग पत्र भी लिखा है, जिसमें विधानसभा चुनाव से पहले “राजनीतिक रूप से पक्षपाती अधिकारी और ऑब्ज़र्वर” द्वारा चुनावी न्यूट्रैलिटी को खतरे में डालने की चिंता जताई गई है। पार्टी का कहना है कि इन हालातों में चुनावी प्रक्रिया की “न्यूट्रैलिटी, फेयरनेस और ट्रांसपेरेंसी” पर गंभीर सवाल उठते हैं।

पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर TMC और ECI के बीच कई बार खींचतान हो चुकी है। TMC का आरोप है कि ECI भाजपा के दबाव में आकर वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यीय चुनाव के लिए वोटिंग 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगी, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।

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