
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस फैसले से अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है और वे देश व कंपनियां फायदा उठा सकती हैं, जिन्होंने वर्षों तक अमेरिका का आर्थिक शोषण किया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर सवाल उठाया कि क्या इस मामले में पुनर्विचार या दोबारा सुनवाई संभव है। उनका यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रशासन ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपनी सीमा से अधिक अधिकार का इस्तेमाल किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि टैक्स लगाने की शक्ति मुख्य रूप से कांग्रेस के पास है।
फैसले के बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लागू करने का आदेश जारी किया। बाद में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया। ट्रंप ने इसे अस्थायी आयात अधिभार बताया, जो 150 दिनों तक लागू रह सकता है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “निराशाजनक” बताते हुए कहा कि उनका प्रशासन आने वाले महीनों में कानूनी रूप से मजबूत नए टैरिफ ढांचे पर काम करेगा। इस घटनाक्रम ने अमेरिका की व्यापार नीति और वैश्विक आर्थिक संबंधों पर नई बहस छेड़ दी है।









