
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में 2014 से भारत ने खेल विकास के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण बदलाव देखा है। आज खेल केवल फिटनेस और मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्रीय गर्व, एकता और वैश्विक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने का एक शक्तिशाली उपकरण भी माने जाते हैं। प्रधानमंत्री की दृष्टि के तहत भारत का लक्ष्य है कि वह ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में लगातार पदक जीतने वाला एक प्रमुख खेल राष्ट्र बने।
भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और 2036 के ओलंपिक में पदक सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए न केवल खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और पोषण के लिए सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना आवश्यक है, बल्कि देश की खेल सुविधाओं और निर्माण क्षमताओं को वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित करने के लिए हार्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर भी महत्वपूर्ण है।
सॉफ्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर
सरकार ने खेल को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के लिए प्रमुख पहलों की शुरुआत की है, जैसे कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), खेलो भारत नीति 2025 और नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट। ये कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने के साथ-साथ एक समावेशी खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए दो मुख्य रणनीतियाँ अपनाते हैं:
- बैकवर्ड लिंकज: बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना, प्रतिभाओं की पहचान करना और कोचिंग एवं सपोर्ट सिस्टम सुधारना।
- फॉरवर्ड लिंकज: प्रशिक्षित खिलाड़ियों को उच्च प्रदर्शन कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और टॉप-टियर सुविधाएँ उपलब्ध कराना, ताकि वे वैश्विक स्तर पर सफलतापूर्वक प्रतिस्पर्धा कर सकें।
खेल सामग्री उत्पादन और रोजगार
एक समग्र खेल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए भारत को एक जीवंत खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र की आवश्यकता है। यह न केवल हमारे खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध कराएगा, बल्कि निर्यात के माध्यम से लाखों रोजगार सृजित करने में भी मदद करेगा।
संचालन समिति SCALE (Steering Committee for Advancing Local Value-add and Exports), जो 2020 में DPIIT, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत स्थापित की गई थी, ने खेल सामग्री और जिम उपकरण को प्रमुख क्षेत्र के रूप में चुना है। समिति स्थानीय मूल्य संवर्धन बढ़ाने, रोजगार सृजन करने और भारत की निर्माण क्षमताओं को मजबूत करने में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
वैश्विक बाजार और भारत की भूमिका
वैश्विक खेल सामग्री बाजार 2024 में लगभग $700 बिलियन का है और अगले दशक में यह $1 ट्रिलियन तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें 6–7% CAGR की वृद्धि होगी। खेल उपकरण खंड, जो वर्तमान में $140 बिलियन का है, 2036 तक लगभग दोगुना होकर $300 बिलियन तक पहुँच सकता है। भारत का निर्यात मात्र $250 मिलियन है, जो वैश्विक बाजार का 0.5% से भी कम है। इस सीमित वैश्विक उपस्थिति को देखते हुए, SCALE ने निर्यात-आधारित विकास को विस्तार की मुख्य दिशा के रूप में पहचाना है।









