
दिल्ली; कानून मंत्रालय छीनने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पृथ्वी विज्ञान मंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है. कार्यभार ग्रहण करने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ये मंत्रालय बहुत उपयोगी मंत्रालय है. यहां पर बहुत कुछ काम कर सकते हैं. प्रधानमंत्री जी का भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो सपना है, उसमें मैं देख सकता हूं कि इस मंत्रालय का बहुत बड़ा योगदान होगा. मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे अलग-अलग मंत्रालय में काम करने का मौका दिया.
#WATCH ये मंत्रालय बहुत उपयोगी मंत्रालय है और यहां पर बहुत कुछ काम कर सकते हैं। प्रधानमंत्री जी का भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का जो सपना है उसमें मैं देख सकता हूं कि इस मंत्रालय का बहुत बड़ा योगदान होगा। मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे अलग-अलग… pic.twitter.com/Rf0B73wCg8
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 19, 2023
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को किरेन रिजिजू के स्थान पर अर्जुनराम मेघवाल को कानून मंत्रालय सौंपा गया था. अर्जुनराम मेघवाल ने गुरुवार को ही कानून मंत्रालय का कार्यभार ग्रहण कर लिया था. आज शुक्रवार को किरेन रिजिजू ने भी पृथ्वी विज्ञान मंत्री के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है.
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के क्या कार्य हैं ?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय मौसम, जलवायु, महासागर और तटीय राज्य, जल विज्ञान, भूकंप विज्ञान और प्राकृतिक खतरों को लेकर कार्य करता है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित पृथ्वी भवन में है. पहले इस मंत्रालय की जिम्मेदारी डॉ जितेंद्र सिंह उठा रहे थे.
2006 से पहले पृथ्वी विज्ञान एक विभाग हुआ करता था. फरवरी 2006 में केंद्र सरकार ने इस विभाग को महासागर विकास मंत्रालय का नाम दिया. जुलाई 2006 में इस मंत्रालय को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES)नाम से पुनर्गठित किया गया. इस मंत्रालय के आधीन भारत का मौसम विभाग, भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान और नेशनल सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्टिंग आता है.









