अगला बड़ा टेक ब्रेक-थ्रू सिलिकॉन वैली नहीं, यूपी के टियर-2 और टियर-3 शहरों में होगा, यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस में बोले केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद

UP AI Innovation: लखनऊ में आयोजित ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ (UP AI and Health Innovation Conference) में उत्तर प्रदेश की तकनीकी ताकत और भविष्य की दिशा साफ नजर आई। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद (Jitin Prasada) ने कहा कि आने वाले समय में कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में होने वाला अगला बड़ा टेक ब्रेक-थ्रू अमेरिका की सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में देखने को मिलेगा।

भारत एआई पैठ में वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर

जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत न केवल दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) यानी एआई पैठ के मामले में भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष देशों में पहुंच चुका है। स्टैनफोर्ड (Stanford) सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती हैं कि भारत एआई को अपनाने में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

यूपी निवेश डेस्टिनेशन से टेक डेस्टिनेशन की ओर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल निवेश का केंद्र नहीं रहा, बल्कि वह तेजी से टेक डेस्टिनेशन बन रहा है। एआई, डिजिटलाइजेशन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश और प्रदेश में बड़े स्तर पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रगति के साथ साइबर लिटरेसी को गांव-गांव तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि आम लोग डीपफेक और गलत सूचनाओं से बच सकें।

दिल्ली में होने वाले एआई इंपैक्ट समिट पर दुनिया की नजर

जितिन प्रसाद ने नई दिल्ली (New Delhi) में प्रस्तावित एआई इंपैक्ट समिट (AI Impact Summit) का जिक्र करते हुए कहा कि आमतौर पर ऐसे आयोजन विकसित देशों में होते रहे हैं, लेकिन पहली बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। यह समिट भारत की एआई नीति को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत आने वाले समय में ‘एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड’ (AI Service Provider of the World) बनेगा।

2017 के बाद यूपी के हेल्थ सेक्टर में ऐतिहासिक बदलाव

उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में अभूतपूर्व बदलाव आया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज योजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। 2017 में जहां केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 81 हो गई है। एमबीबीएस (MBBS) सीटों में भी लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है।

2035 तक वैश्विक एआई में भारत की बड़ी हिस्सेदारी

नीति आयोग (NITI Aayog) के सदस्य विनोद कुमार पॉल (Vinod Kumar Paul) ने कहा कि 2035 तक भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में 10 से 15 प्रतिशत तक योगदान देगा। कुल एआई अवसर 1.1 से 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकते हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) के लक्ष्य के तहत जीवन प्रत्याशा बढ़ाने पर भी काम हो रहा है।


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