UP : पश्चिमी UP में गरजे अखिलेश, किसानों से लेकर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर BJP पर बोला हमला, किया यह बड़ा ऐलान!

अखिलेश ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में 90 मजदूरों की मौते हो गई। वे अपने घर नहीं पहुंच सके, इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। भाजपा सरकार ने इनकी कोई मदद नहीं की। केवल समाजवादी और आरएलडी के लोगों ने मदद की।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने शनिवार को गाजियाबाद में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अन्न-जल संकल्प भी लिया। संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश ने कहा कि हम लोग चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाते हुए किसानों-नौजवानों को अपमानित करने वाली भाजपा को हरायेंगे और हटायेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि हम लोग भाजपा की नकारात्मक राजनीति खत्म करके प्रदेश में भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब के रास्ते खुशहाली और विकास की ओर ले जाना चाहते हैं। इस दौरान दोनों नेताओं ने गठबंधन के प्रत्याशियों को विधानसभा चुनाव में भारी मतों से जिताने की अपील भी की। अखिलेश यादव ने कहा कि जो माहौल दिखाई दे रहा है उससे भरोसा होता है कि उत्तर प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है। यहां समाजवादी पार्टी गठबंधन की सरकार बनाने जा रही है। अगर कहीं सरप्राइज आएगा तो वह गुजरात से आएगा। जहां यूपी के बाद चुनाव होने हैं।

अखिलेश ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपिता गांधी का अपमान करने वालों को सबक सिखाने का काम गुजरात की जनता करेगी। संयुक्त प्रेसवार्ता में सपा प्रमुख ने आगे कहा कि समाजवादी गठबंधन को मिल रहे भारी जनसमर्थन से भाजपा घबराई हुई है। यूपी का चुनावी परिणाम खुशहाली का परिणाम लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि हम किसानों के साथ लघु उद्योग की भी मदद करेंगे। रोजगार-नौकरी के लिए मध्यम उद्योग को पैकेज देंगे। कानून व्यवस्था मजबूत करेंगे।

इसी दौरान अखिलेश ने एक बड़ी घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर प्रदेश में समाजवादी कैंटीन और किराना स्टोर स्थापित करेंगे। गरीबों-मजदूरों को कैंटीन में 10 रूपए में समाजवादी थाली और मजदूरों को सस्ता राशन मिलेगा। शहरी क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अर्बन इम्प्लाइमेंट गांरटी कानून लाया जाएगा।

अखिलेश यहीं नहीं रुके उन्होंने किसानों के मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि किसानों को जो लोग आतंकवादी, मवाली कहते थे, उनके आंदोलन में बाधाएं डाल रहे थे, अंततः वे किसानों के हिमायती होने का ढोंग कर रहे है। किसानों ने सराहनीय धैर्य और साहस का प्रदर्शन किया, जिसके आगे भाजपा सरकार को झुकना पड़ा और तीनों काले कृषि कानून वापस लेने पड़े।

अखिलेश ने भाजपा के 80 करोड़ लोगों को राशन देने के दावे पर कहा कि सर्वेक्षण के सभी आंकड़ों में बताया जा रहा है कि देश गरीब होता जा रहा है। अखिलेश ने अपने बयान में आगे कहा कि कोरोना संक्रमण के दौर में 90 मजदूरों की मौते हो गई। वे अपने घर नहीं पहुंच सके, इसके लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। भाजपा सरकार ने इनकी कोई मदद नहीं की। केवल समाजवादी और आरएलडी के लोगों ने मदद की।

Related Articles

Back to top button
Live TV