
गोरखपुर में नकली स्टांप गिरोह पर भारत समाचार के खुलासे के बाद बड़ा असर देखने को मिला है। खबर है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने नकली स्टांप बेचे जाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले पर स्टांप व पंजीयन विभाग ने प्रदेश में 50 हजार रुपये से ऊपर वाले सभी स्टांप पेपरों की जांच और फिर उनके मिलान का आदेश दिए हैं। साथ ही डीएम, एडीएम और डीआईजी (स्टांप) के द्वारा हर जिलों में स्टांप पेपरों की रैंडम जांच भी की जाएगी।
दरअसल, बीते शनिवार को गोरखपुर में यूपी का फर्जी स्टांप सरगना कमरुद्दीन पकड़ा गया था। उसके पास से भारी मात्रा में नकली स्टांप बरामद हुए थे। इस दौरान उसके पास से स्याही और दूसरे सेंसेटिव आइटम्स प्राओत किए गए थे। यूपी के तेलगी कहा जाने वाला कमरुद्दीन 80 वर्ष का है और पिछले कई दशक से खामोशी से ये सिंडिकेट चला रहा था।
ऐसे में माना जा रहा है कि ये मामला बहुत बड़ा है और अगर इसकी जांच ठीक से हुई तो कई बड़े गैंग और इसको संरक्षण देने वालों के नाम का खुलासा हो सकता है।









