
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने निर्वाचन आयोग की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में चल रही मतदाता सूची की समीक्षा और संबंधित प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 1.40 करोड़ लोगों ने अभी तक मतदाता सूची की मैपिंग नहीं कराई गई है, जबकि 2.22 करोड़ लोगों ने मिलान कराया, लेकिन उनमें भिन्नता पाई गई। नवदीप ने यह भी कहा कि 1.15 करोड़ लोगों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और पिछले तीन दिनों में 33 लाख से अधिक सुनवाई पूरी की गई है।
वहीं, नवदीप रिणवा ने बताया कि मतदाता सूची के अपडेट और सुधार के कार्य 27 मार्च तक पूरी कर लिए जाएंगे। साथ ही, राजनीतिक दलों के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी मिली कि इस प्रक्रिया में कई तार्किक भिन्नताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि BLO को यह निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर नोटिस प्रदान करें, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की कोई रुकावट न हो। साथ ही, नो मैपिंग की नोटिस में 13 ऐसे दस्तावेज़ हैं जो नागरिकों को उपलब्ध कराने होंगे, ताकि सुधार की प्रक्रिया सही तरीके से चल सके।
बता दें, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में फॉर्म 6 के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन आए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि फॉर्म 6 में महिलाओं की संख्या अधिक है, और 18 से 29 वर्ष तक के 36.76 लाख आवेदन इस श्रेणी में आए हैं। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि चुनाव प्रक्रिया में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ी है।
वहीं, रिणवा ने आगे बताया कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है और इस तरह के कदम चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को और भी मजबूत करेंगे। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि आगामी समय में और अधिक सुधारों की योजना है, जिससे मतदाता सूची पूरी तरह से सटीक और निष्पक्ष बन सके।
इस दौरान आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची के सुधार की प्रक्रिया में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।









