यूपी : बिना ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर के अधिकारियों ने खाते से निकाले लाखों रूपये, अब होगी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही जीरो टॉलरेंस की बात करती हो पर अधिकारियों की मिली भगत से लाखों का वारा न्यारा किया जा रहा है। घोटाले का एक ऐसा ही मामला रायबरेली जिले से सामने आया है जहां एक ग्राम सभा मे बिना काम के और बिना ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से कागजो में कई कार्य दिखा कर लाखो रुपये का भुगतान भी करवा लिया गया है। इसकी पोल तब खुली जब ग्राम प्रधान ने सारे कागजात व एकाउंट चेक करवाया तब इस घोटाले का खुलासा हो सका है। फिलहाल ग्राम प्रधान ने अधिकारियों को लिखित सूचना देकर इस घोटाले के बारे में जानकारी दे दी है।

दरअसल रायबरेली जिले के महराजगंज तहसील क्षेत्र के तजुद्दीनपुर ग्रामसभा में कई ऐसे कार्य कागजो पर कर भुगतान करवा लिया गया। आपको बता दे कि इसी वर्ष जून -जुलाई व अक्टूबर माह में गजोधर तालाब की खोदाई, तोमतटदास की पुलिया से मुंगताल की सड़क तक नाला सफाई व ताजुद्दीन पुर से टीसा खानापुर सीमा तक पक्की सड़क की पटरी की भराई के काम के नाम पर रोजगार सेवक देवनाथ, तकनीकी सहायक अधिकारी(जेई) श्रीदेव वर्मा व सैकेट्री( सचिव) अरुण कुमार की मिली भगत से लाखों रुपये का बजट भी बिना ग्राम प्रधान विनोद शाहू के हस्ताक्षर के निकाल लिया गया।

भारत समाचार की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंच कर सभी कार्यो का जायजा लिया अब ग्राम प्रधान के साथ साथ ग्रामीणों से बात भी की। कागजो पर जो काम दिखा कर पेमेंट तक निकाल लिया गया वह काम जमीनी हकीकत पर हुआ तक नहीं। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने ब्लाक के अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए है।

वही इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान से लिखित तौर पर शिकायत भी की पर जब आलाधिकारियों की मिली भगत से इस तरह के घोटालों का खेल खेला जा रहा हो तो कार्यवाही कैसे होगी यह आप समझ सकते है। फिलहाल यह तो एक ग्राम सभा का मामला प्रकाश में आया है अगर इस ग्राम प्रधान की तरह अन्य ग्राम प्रधान भी जागरूक हो जाये तो और भी कई घोटाले सामने आ सकते है।

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