YEIDA Project: उत्तर प्रदेश सरकार सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। यमुना सिटी को प्रदेश के नए आर्थिक इंजन के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह शहर आकार में नवी मुंबई से लगभग दोगुना होगा और आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस होगा। अब तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 36,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है।

YEIDA मास्टर प्लान 2041 के तहत तेजी से विकास
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मास्टर प्लान 2041 के अनुसार, यमुना सिटी का कुल प्रस्तावित क्षेत्र लगभग 78,000 एकड़ है। इसमें से करीब 46 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। फेज-1 में मुख्य रूप से गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों में विकास कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।

52 सेक्टर तैयार, 46 नए सेक्टर पर काम शुरू
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इस शहर में अब तक 52 सेक्टर पूरी तरह तैयार किए जा चुके हैं। इनमें आवासीय और औद्योगिक दोनों तरह के सेक्टर शामिल हैं। औद्योगिक सेक्टर 24A, 24, 28, 29, 32 और 33 में काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि रेजिडेंशियल सेक्टरों में सड़कें और बुनियादी सुविधाएं तैयार कर ली गई हैं। इसके अलावा अथॉरिटी 46 नए सेक्टर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जहां सीवर, पानी की सप्लाई और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं की योजना बनाई जा रही है।

छह जिलों तक फैला होगा यमुना सिटी का दायरा
यमुना सिटी केवल एक या दो जिलों तक सीमित नहीं रहेगी। YEIDA का अधिकार क्षेत्र गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस और आगरा—कुल छह जिलों में फैला हुआ है। फिलहाल फेज-1 में दो जिलों पर फोकस है, जबकि बाकी जिलों को फेज-2 में शामिल किया जाएगा।

किसानों की जमीन, विकास में साझेदारी
पूरे मास्टर प्लान में लगभग एक लाख एकड़ जमीन शामिल है, जिसमें करीब 22,000 एकड़ कृषि भूमि है। फिलहाल किसान इस जमीन पर खेती कर रहे हैं। सरकार चरणबद्ध तरीके से विकास को आगे बढ़ा रही है और किसानों से संवाद व सहमति के साथ योजनाओं को लागू किया जा रहा है। इससे किसानों को बेहतर मुआवजा और नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से बनेगा इकोनॉमिक हब
इस परियोजना में 30,011 रेजिडेंशियल प्लॉट, 22 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट, 14 इंस्टीट्यूशनल प्लॉट और 13 टाउनशिप प्लॉट शामिल हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के चलते यमुना सिटी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का बड़ा इकोनॉमिक हब बनने की ओर बढ़ रही है।










