
New Delhi: भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेन-देन ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए 16.73 अरब लेन-देन की संख्या को पार किया। यह नवंबर 2024 के आंकड़ों से आठ प्रतिशत अधिक है, जिसमें 15.48 अरब लेन-देन दर्ज किए गए थे।
539.68 मिलियन लेन-देन प्रतिदिन
इस महीने के दौरान लेन-देन का कुल मूल्य ₹23.25 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो नवंबर में ₹21.55 लाख करोड़ था। इस वृद्धि ने भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत किया है। दिसंबर 2024 में औसतन 539.68 मिलियन लेन-देन प्रतिदिन हुए, जो नवंबर में 516.07 मिलियन थे।
NPCI ने UPI वॉल्यूम कैप के अनुपालन की समय सीमा बढ़ाई
NPCI ने 1 जनवरी 2025 को UPI वॉल्यूम कैप गाइडलाइनों के अनुपालन की समय सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दी है। पहले यह समय सीमा 2024 में समाप्त होनी थी, लेकिन सेवा प्रदाताओं द्वारा विरोध के बाद इसे बढ़ाया गया। इस समय सीमा के तहत तीसरे पक्ष के ऐप प्रदाताओं (TPAPs) को निर्धारित सीमा से अधिक लेन-देन करने पर अंकुश लगाया गया था, लेकिन अब इसकी समय सीमा दो साल बढ़ा दी गई है।
85% से अधिक लेन-देन की हिस्सेदारी
इस फैसले से फोन पे और गूगल पे जैसे प्रमुख ऐप्स को राहत मिल सकती है, जो भारतीय UPI भुगतान बाजार में सबसे बड़े हिस्सेदार हैं। फिलहाल, फोन पे और गूगल पे मिलकर 75 से अधिक UPI ऐप्स में से 85% से अधिक लेन-देन की हिस्सेदारी रखते हैं।









