यूजीसी के विरोध में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन, लखनऊ में जमकर हुआ हंगामा

इस दौरान सवर्ण मोर्चा की ओर से जमकर नारेबाजी की गई…वहीं भारी फोर्स तैनात भी रही. बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे….

लखनऊ- उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में यूजीसी के नए नियम को लेकर एक बार फिर से विरोध शुरु हो गया है…बता दें कि
सवर्ण मोर्चा का परिवर्तन चौक पर जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला है.

इस दौरान सवर्ण मोर्चा की ओर से जमकर नारेबाजी की गई…वहीं भारी फोर्स तैनात भी रही. बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे….

बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे. ये प्रदर्शन अभिनव त्रिपाठी की अगुवाई में हुआ है.

चलिए एक बार फिर से बता देते हैं आखिर यूजीसी के नए नियम है क्या?

13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में समता को बढ़ावा देने के लिए “यूजीसी समता विनियम 2026” को अधिसूचित किया। इसका मुख्य उद्देश्य धर्म, जाति, लिंग, नस्ल, जन्म स्थान या दिव्यांगता के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करना है। यह नियम अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, विकलांग व्यक्तियों और कमजोर वर्गों को किसी भी प्रकार के भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करेगा।

इसके तहत, प्रत्येक उच्च शिक्षा संस्थान में समान अवसर केंद्र स्थापित करना होगा, जो वंचित समूहों के लिए नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा। समता समिति का गठन भी अनिवार्य होगा, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी, विकलांगों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा। इसके अलावा, समता समूह (इक्विटी स्क्वॉड) का गठन किया जाएगा, जो संस्थान में भेदभाव को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण करेगा।

विश्वविद्यालयों में दाखिले के दौरान छात्रों को भेदभाव के खिलाफ एक घोषणा-पत्र देना होगा। संस्थान को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि छात्रावास, कक्षाओं या मेंटरशिप समूहों में कोई भेदभाव न हो। नियमों के उल्लंघन पर यूजीसी संस्थान की अनुदान सहायता रोक सकता है।

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