देवरिया में ठेके-पट्टों को लेकर बवाल, EO के अपहरण की कोशिश का आरोप; BJP सांसद के करीबी समेत 3 गिरफ्तार

देवरिया : उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की पथरदेवा नगर पंचायत में ठेके-पट्टों को लेकर विवाद गहरा गया है। सरकारी ठेकों के प्रबंधन और कथित कमीशनखोरी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मारपीट, अपहरण की कोशिश के आरोप और गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। मामले में पुलिस ने ठेकेदार धीरज सिंह समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। धीरज सिंह को बीजेपी सांसद शशांक मणि त्रिपाठी का करीबी बताया जा रहा है।

नगर पंचायत के EO के अपहरण की कोशिश का आरोप

मामले में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) हिमांशु सिंह के कथित अपहरण की कोशिश का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि इस दौरान विरोध करने पर नगर पंचायत अध्यक्ष क्रांति सिंह के साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद नगर पंचायत में ठेके-पट्टों को लेकर चल रहा विवाद चर्चा में आ गया है। पुलिस ने इस मामले में धीरज सिंह के अलावा करुणेश और विवेक दुबे को गिरफ्तार किया है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

चेयरमैन की तहरीर पर मुकदमा, क्रॉस केस भी दर्ज

नगर पंचायत अध्यक्ष क्रांति सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, ठेकेदार धीरज सिंह की शिकायत पर भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों की शिकायतों के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। पुलिस अब आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

ठेकों और कथित कमीशन को लेकर विवाद

पूरे मामले के केंद्र में पथरदेवा नगर पंचायत के सरकारी ठेके, उनके प्रबंधन और कथित कमीशनखोरी को लेकर उठे सवाल हैं। विवाद किस वजह से शुरू हुआ और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह जांच का विषय है।

मामले में राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चा हो रही है, क्योंकि गिरफ्तार ठेकेदार धीरज सिंह को बीजेपी सांसद शशांक मणि त्रिपाठी का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, किसी राजनीतिक संरक्षण या दबाव की भूमिका को लेकर अभी लगाए जा रहे आरोपों को जांच के आधार पर ही परखा जा सकता है।

जांच के बाद सामने आएगी विवाद की असली वजह

पथरदेवा नगर पंचायत का यह मामला अब ठेके-पट्टों के विवाद से आगे बढ़कर कथित अपहरण की कोशिश और मारपीट के आरोपों तक पहुंच गया है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, दोनों पक्षों के बीच टकराव की वजह क्या थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल, तीन लोगों की गिरफ्तारी और दोनों पक्षों की ओर से दर्ज मुकदमों के बाद इस मामले पर सबकी नजर बनी हुई है। जांच के निष्कर्ष ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ करेंगे।

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