
प्रयागराज में गंगा नदी को पार करने के लिए अब यात्रियों को जाम की समस्या से राहत मिलने वाली है। फाफामऊ तक रोजाना हजारों लोग यात्रा करते हैं, लेकिन इस मार्ग पर स्थित पुराना पुल जर्जर हो चुका है और ट्रैफिक की भारी भीड़ के कारण घंटों जाम लगता है। इस समस्या को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी के सबसे बड़े केबल ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया है, जो मई-जून 2026 तक पूरा होने का अनुमान है। इस ब्रिज के बन जाने के बाद प्रयागराज से फाफामऊ तक आवाजाही बेहद आसान और तेज हो जाएगी, साथ ही जाम की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
6 लेन का नया पुल
यह नया पुल 6 लेन का होगा और इसे पुराने चंद्रशेखर आजाद सेतु के साथ-साथ बनाया जा रहा है। यह पुल प्रयागराज शहर को अयोध्या, लखनऊ, प्रतापगढ़ और अन्य जिलों से जोड़ेगा, जिससे यातायात में सुधार होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 9.90 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 5 किलोमीटर हिस्सा गंगा नदी पर बनेगा। पुल को केबल तकनीक से डिजाइन किया जा रहा है, जो न केवल मजबूत होगा, बल्कि आकर्षक भी नजर आएगा।
पुल की डिजाइन और निर्माण
इस ब्रिज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे 67 मजबूत पिलर पर टिकाया गया है और इस पुल का निर्माण 288 सेगमेंट में किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और इसे एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा निर्मित किया जा रहा है। इस ब्रिज में लाखों टन फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पुल की लागत कम हुई है और उसकी मजबूती भी बढ़ी है।
जाम से मिलेगी राहत
नया पुल बनने के बाद फाफामऊ तक जाने वालों को जाम से छुटकारा मिलेगा। वर्तमान में इस मार्ग पर सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक जाम होता है, खासकर पुराने पुल की चौड़ाई सिर्फ 2 लेन की होने के कारण। यह पुल 6 लेन का होगा, जिससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। पुराने पुल की लंबाई केवल 1 किलोमीटर थी और इसकी जर्जर स्थिति के कारण बार-बार मरम्मत की जरूरत पड़ती थी। यह पुल 1988 में बनाया गया था, और अब यह ट्रैफिक के दबाव को संभालने में सक्षम नहीं है।
कुंभ और बड़े आयोजनों के दौरान ट्रैफिक
प्रयागराज में कुंभ मेला जैसे बड़े आयोजनों के दौरान फाफामऊ पुल पर ट्रैफिक का दबाव और भी बढ़ जाता है। उस समय रोजाना 2 से 3 लाख वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। पुराने पुल की क्षमता इन वाहनों को संभालने के लिए अपर्याप्त थी, जिसके कारण अस्थायी स्टील पुल बनाया गया था। लेकिन अब जब नया 6 लेन का पुल तैयार हो जाएगा, तो बड़े आयोजनों के दौरान भी यातायात की स्थिति सुचारू रहेगी।
पुल की खासियत
यह ब्रिज प्रयागराज का प्रमुख प्रवेश द्वार बनेगा, जिस पर रोजाना करीब 35 से 40 हजार वाहन गुजरेंगे। यह लखनऊ, कानपुर और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से आने-जाने का मुख्य मार्ग बनेगा। सरकार का उद्देश्य है कि इस पुल के निर्माण से प्रयागराज की कनेक्टिविटी बेहतर हो और यातायात की समस्याओं को हल किया जा सके।









