
UPSC 2025: Hard work, struggle and victory of dreams… Toppers share inspiring success stories. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित होते ही देश के कई राज्यों में जश्न का माहौल देखने को मिला। सफल अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानियां साझा करते हुए बताया कि लगातार प्रयास और अनुशासन ही इस कठिन परीक्षा में सफलता की असली कुंजी है।
शामली की आस्था जैन ने हासिल की 9वीं रैंक

उत्तर प्रदेश के शामली की रहने वाली आस्था जैन ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 9वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। आस्था के पिता ने गर्व जताते हुए बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं।
उन्होंने कहा कि आस्था ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी ऑल इंडिया चौथी रैंक हासिल की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने तीन बार UPSC परीक्षा पास की है। फिलहाल आस्था राजस्थान कैडर की IPS अधिकारी हैं और हैदराबाद में ट्रेनिंग ले रही हैं।
रायपुर की वैभवी अग्रवाल को मिली 35वीं रैंक

छत्तीसगढ़ के रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने इस परीक्षा में 35वीं रैंक हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय भगवान, अपने मेंटर्स, कोचिंग संस्थान और परिवार के समर्थन को दिया।
वैभवी ने कहा कि UPSC की तैयारी के दौरान धैर्य और निरंतर मेहनत सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लगातार प्रयास करता रहे तो वह अपने लक्ष्य तक जरूर पहुंच सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में सिस्टम का हिस्सा बनने के बाद उनका फोकस महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने पर रहेगा।
तीसरे प्रयास में सफल हुईं सुदीपा दत्ता

झारखंड के दुमका की सुदीपा दत्ता ने परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई बांका के सेंट जोसेफ स्कूल से हुई और बाद में उन्होंने दुमका से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। सुदीपा ने पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया और अपने तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा पास की। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान वह रोजाना लगभग 6 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं और ज्यादातर सेल्फ स्टडी पर भरोसा करती थीं।
रूपल जायसवाल ने 43वीं रैंक हासिल की

मध्य प्रदेश के खंडवा की रूपल जायसवाल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 43वीं रैंक हासिल की। उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास और मेहनत से ही सफलता मिलती है। रूपल ने बताया कि उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन खुद को और बेहतर साबित करने के लिए तीसरा प्रयास देने का फैसला किया। उनका मानना है कि असफलता से घबराने के बजाय उसे सीख के रूप में लेना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल हुए सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इन उम्मीदवारों की मेहनत, लगन और समर्पण ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपलब्धि तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को देश सेवा की नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरें।
साथ ही उन्होंने उन अभ्यर्थियों का भी हौसला बढ़ाया जिन्हें इस बार मनचाहा परिणाम नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा जीवन की लंबी यात्रा का केवल एक पड़ाव है और भविष्य में देश की सेवा के कई अवसर मौजूद हैं।







