
उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश ने अपना कहर बरपाया हुआ है। जिससे सैकड़ो लोग घर से बेघर भी हो गए हैं। इसका मंजर उधम सिंह नगर में भी देखने को मिला है। जहाँ विगत दिनों काशीपुर में अचनाक आई बाढ़ ने जहाँ लोगो की मुसीबत को बढ़ा दिया था तो वहीं इस बाढ़ से स्कूली बच्चों के लिए एक भारी संकट खड़ा हो गया है, क्यों की बाढ़ में स्कूली बच्चों की मार्कसीट से लेकर सभी कॉपी किताबें नष्ट हो गयीं हैं, जिससे स्कूली बच्चों के लिए बारिश परेशानी का सबब बन गयी है। अब स्कूली बच्चे अपनी बाढ़ में खराब हुई किताबों को सुखाने का प्रयास कर रहें हैं और सरकार से किताबें उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।

आपको बता दें कि उधम सिंह नगर में ऐसी मार्मिक तस्वीरें समाने आई हैं जिन्हे देख कर आप भावुक होने से सायद नहीं रोक पाएंगे। तस्वीरें भी ऐसी कि स्कूली बच्चे बाढ़ में खराब हुई किताबों को सूखा रहें हैं। जोकि विगत दिनों अचानक काशीपुर के हेमपुर इस्माइल गांव में आई बाढ़ की वजह से पढ़ाई करने वाले बच्चों के सामने बिकट संकट खड़ा हो गया है। सत्र 2023-24 की पढ़ाई के लिए परिजनों ने अपने-अपने बच्चों की कापी-किताब, ड्रेस, बैग आदि की व्यवस्था कर चुके थे। बच्चे अलग-अलग स्कूलों में पढ़ने के लिए जाना भी शुरू कर दिया है।

15 जुलाई को अचानक आई बढ़ा की वजह से गांव जलमग्न हो गया। जिससे बच्चों के मार्कशीट, सनद, आधार, बैंक पासबुक, स्कूल में दाखिला कागजात, कापी-किताब, बैग और ड्रेस आदि भीग कर खराब हो चुका है। गांव में कक्षा एक से लेकर 12वीं तक के पढ़ाई करने वाले करीब 160 से अधिक बच्चे शामिल हैं। ऐसे विकट स्थिति में अगर इन बच्चों को विद्यालयों या शिक्षा विभाग की तरफ से कुछ रियायत मिलती है तो शायद बच्चों के भविष्य के सामने इस वक्त खड़ा अंधेरा दूर हो जाएगा। हेमपुर इस्माइल गांव में 15 जुलाई को अचनाक आई बाढ़ की वजह से करीब 220 से अधिक परिवार के घरों में पानी घुसा था । जिससे सैंकड़ों स्कूली बच्चों पर गहरा असर पड़ता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट-निजामुद्दीन शेख









