वैष्णो देवी भगदड़ हादसा : प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया किसकी गलती से श्रद्धालुओं को गंवानी पड़ी जान?

गाजियाबाद जिले के एक तीर्थयात्री ने कहा “इस दुखद दुर्घटना का जिम्मेदार केवल और केवल कुप्रबंधन और अव्यवस्था थी। स्थानीय प्रशासन को संभावित भीड़ के बारे में पूरी जानकारी थी लेकिन लोगों को बिना रुके दर्शन करने की अनुमति दी गई। नाम न बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने तीर्थयात्रा को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया होता तो यह दुर्घटना नहीं होती।

साल की शुरुआत में ही जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ मचने की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई। इस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने इसके लिए “कुप्रबंधन” को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पुलिस ने धक्का-मुक्की शुरू की जिसके बाद कुछ लोग गिरे और भगदड़ मची और जिसके परिणामस्वरूप 12 लोगों की मौत हो गई। वहीं इस पुरे दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर श्री माता वैष्णो देवी, श्राइन बोर्ड ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि अपेक्षित भीड़ को देखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए थे, जबकि जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए मामूली विवाद को जिम्मेदार ठहराया।

मुर्दाघर के बाहर शव की पहचान के लिए एक प्रतीक्षा कर रहे गाजियाबाद जिले के एक तीर्थयात्री ने कहा “इस दुखद दुर्घटना का जिम्मेदार केवल और केवल कुप्रबंधन और अव्यवस्था थी। स्थानीय प्रशासन को संभावित भीड़ के बारे में पूरी जानकारी थी लेकिन लोगों को बिना रुके दर्शन करने की अनुमति दी गई। नाम न बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारियों ने तीर्थयात्रा को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया होता तो यह दुर्घटना नहीं होती।

बहरहाल, पीएम मोदी समेत जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिये है और भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो-दो लाख रुपये मुआवजा और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान हुआ है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगदड़ में मरे लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

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